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अब जान सकेंगे शहर में हवा कितनी जहरीली, जल्द शुरू होगा ये सिस्टम

Fri, 14 Dec 2018 01:09 PM IST
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 14 Dec 2018 01:09 PM IST
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Meerut, online pollution monitoring system will reveal of air pollution in the city
फाइल फोटो

मेरठ में बढ़ते वायु प्रदूषण की सतत निगरानी करने के लिए अब सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के निर्देश पर शहर में तीन जगहों पर ऑनलाइन पॉल्यूशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जनवरी 2019 के प्रथम सप्ताह से ये सिस्टम काम करना शुरू कर देंगे। 

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सीपीसीबी से मिलेगा डाटा
इन सिस्टम से आम आदमी भी सीपीसीबी के पोर्टल (सीपीसीबी डॉट एनआईसी डॉट इन) पर जाकर 24 घंटे में कभी भी हवा की गुणवत्ता जान सकेगा। पता चल सकेगा कि शहर की हवा कितनी जहरीली है।
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अभी तक यह व्यवस्था
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शहर में अभी दो जगहों बेगमपुल चौराहा और केसरगंज तिराहा पर ही वायु प्रदूषण का स्तर जांचने के लिए मैनुअल सिस्टम लगे हैं। यहां बोर्ड की तरफ से 24 घंटे में प्रत्येक आठ-आठ घंटे के अंतराल में रीडिंग ली जाती है। जिसके चलते संबंधित क्षेत्र का एअर इंडेक्स क्या रहा, यह देरी से पता चल पाता है। इस मैनुअल सिस्टम को समय-समय पर शहर के प्रमुख स्थानों पर भी लगाकर वायु प्रदूषण का स्तर जाना जाता है।

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अब यह होगा
महानगर में तीन जगहों पर स्थायी रूप से ऑनलाइन पॉल्यूशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इनमें एक सिस्टम गढ़ रोड पर राधा गोविंद शिक्षण संस्थान के पास, दूसरा सिस्टम मोदीपुरम में पल्लवपुरम फेस-2 स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में और तीसरा सिस्टम मवाना रोड पर गंगानगर में चयनित किया गया है। मैनुअल सिस्टम भी जारी रहेगा। बोर्ड के अनुसार एनसीआर में नोएडा और गाजियाबाद के बाद मेरठ में भी तीन जगह ही ये सिस्टम लगेंगे।

यह होगा फायदा
इन सिस्टम से शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) का तुरंत पता चल सकेगा। यह सिस्टम आसपास के क्षेत्र को भी कवर करेगा। आसपास कहीं भी यदि कूड़ा जलाया जाएगा, हवा में घुलने वाले खतरनाक सूक्ष्म कण बढ़ेंगे या औद्योगिक कारणों से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा तो यह सिस्टम तुरंत सचेत कर देगा। सीपीसीबी द्वारा प्रदूषण के कारणों को जानने के बाद इसे कम करने के लिए योजना पर काम किया जाएगा। लोगों को जागरूक किया जाएगा।

इनका स्तर बताएगा सिस्टम
- पीएम 2.5 का लेवल कितना है और कितना बढ़ रहा है, पीएम 10 का लेवल कितना है और कितना बढ़ रहा है
- सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा कितनी है  
- नाइट्रोजन आक्साइड की मात्रा कितनी है  
- ओजोन किस मानक में है 
- बैंजीन (केमिकल) का स्तर क्या है
- कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा कितनी है

इसलिए पड़ी जरूरत
एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के बाद मेरठ में भी हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। एनसीआर में इस बार मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सबसे ज्यादा बिगड़ा रहा था। नवंबर माह में तो एक्यूआई 500 के पार पहुंच गया था। विशेषज्ञों के अनुसार एनसीआर में अमूमन अक्तूबर और नवंबर माह में हालात ज्यादा खराब हो जाते हैं। वहीं, सर्दी के सीजन में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है।  

यह सिस्टम बहुत जरूरी
एयर क्वालिटी इंडेक्स तुरंत जानने के लिए ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम बहुत जरूरी है। अभी मैनुअल सिस्टम से ही काम किया जा रहा है। शहर में तीन जगह सिस्टम लगने से वायु प्रदूषण का डाटा ऑनलाइन पता चलेगा और उस पर काम होगा। - आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

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