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वीसी ने सुना वेटनरी के छात्रों का दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 23 Jan 2016 01:53 AM IST
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मोदीपुरम कृषि विश्वविद्यालय के वेटनरी कॉलेज के 23 छात्रों की डिग्री को फर्जी बताने का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं, जबकि कृषि विवि प्रशासन ने अभी छात्रहित में कोई कदम नहीं उठाया है।
अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में खबर छपते ही कुलपति डॉ. एचएच गौड़ ने छात्रों को मिलने बुलाया। उन्होंने अभी सिर्फ मदद का भरोसा दिलाया है।
पिछले चार साल से वेटनरी के छात्र लगन और मेहनत से पढ़ाई कर रहे थे। इस साल उनकी डिग्री पूरी हो गई। लेकिन विवि की लापरवाही के कारण वेटनरी काउंसिल लखनऊ ने उनकी डिग्री को अवैध बता दिया। काउंसिल का तर्क है कि कॉलेज को अब तक मान्यता नहीं मिली है,
जिस कारण छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता है। छात्र इस फैसले से आहत हैं। चार साल में दस से 12 लाख रुपये पढ़ाई पर खर्च कर चुके हैं। अब कॅरियर बनाने का समय आया तो डिग्री अवैध बता दी गई। बृहस्पतिवार को छात्रों ने वीसी को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
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शुक्रवार को वीसी ने छात्रों का दर्द फिर जाना। छात्र संदीप, अवधेश, शैलेश, विजय ने बताया कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। परिजनों ने कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई कराई है।
कुलपति डॉ. एचएस गौड़ छात्रों की समस्या सही है। इस संबंध में वीसीआई से बात की जा रही है। अगर लखनऊ जाने की जरूरत पड़ी तो वह जाएंगे। छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएग।
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अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में खबर छपते ही कुलपति डॉ. एचएच गौड़ ने छात्रों को मिलने बुलाया। उन्होंने अभी सिर्फ मदद का भरोसा दिलाया है।
पिछले चार साल से वेटनरी के छात्र लगन और मेहनत से पढ़ाई कर रहे थे। इस साल उनकी डिग्री पूरी हो गई। लेकिन विवि की लापरवाही के कारण वेटनरी काउंसिल लखनऊ ने उनकी डिग्री को अवैध बता दिया। काउंसिल का तर्क है कि कॉलेज को अब तक मान्यता नहीं मिली है,
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जिस कारण छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता है। छात्र इस फैसले से आहत हैं। चार साल में दस से 12 लाख रुपये पढ़ाई पर खर्च कर चुके हैं। अब कॅरियर बनाने का समय आया तो डिग्री अवैध बता दी गई। बृहस्पतिवार को छात्रों ने वीसी को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
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शुक्रवार को वीसी ने छात्रों का दर्द फिर जाना। छात्र संदीप, अवधेश, शैलेश, विजय ने बताया कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। परिजनों ने कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई कराई है।
कुलपति डॉ. एचएस गौड़ छात्रों की समस्या सही है। इस संबंध में वीसीआई से बात की जा रही है। अगर लखनऊ जाने की जरूरत पड़ी तो वह जाएंगे। छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएग।