{"_id":"9143a455d392823922a9e980e4a84556","slug":"meerut-news-hindi-news-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘सियासी दबाव में खाकी नहीं कर पाती इंसाफ’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘सियासी दबाव में खाकी नहीं कर पाती इंसाफ’
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:27 AM IST
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डीआईजी आशुतोष कुमार का कम समय में ही ट्रांसफर होने के कारणों की पुलिस महकमे में अलग-अलग चर्चाएं हैं। काम के प्रति समर्पित और इमानदार छवि के चलते जहां उनकी सपा नेताओं से नहीं बनी तो एसएसपी से भी मतभेद रहे।
राजनीतिक दबाव में पुलिस की कार्यशैली को लेकर डीआईजी बहुत नाराज हुआ करते थे। कई बार सपा नेताओं से उनकी तीखी झड़प हुई। शायद यही वजह थी कि आशुतोष कुमार मेरठ रेंज में चार माह का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए।
डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार का ट्रांसफर बृहस्पतिवार को बरेली रेंज में हुआ है। आशुतोष कुमार ने 24 सितंबर 2015 को मेरठ रेंज की कमान संभाली थी।
डीआईजी ने बताया कि मेरठ में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस इंसाफ नहीं कर पाती। चार महीने मेरठ का कार्यकाल ठीकठाक रहा, लेकिन कई बड़े मामलों में दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। डीआईजी का एसएसपी मेरठ से भी छत्तीस का आंकड़ा रहा।
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लक्ष्मी सिंह को रेंज की कमान
डीआईजी रेंज लक्ष्मी सिंह बुलंदशहर में एसएसपी और बागपत में एसपी भी रह चुकी हैं। चर्चित तीरगरान सांप्रदायिक बवाल में लक्ष्मी सिंह ने एक सप्ताह तक शहर में रहकर शांति व्यवस्था बनाने का काम किया था। उनके नेतृत्व में दोनों समुदायों में सौहार्द कायम रखने की कोशिश सफल रही थी।
मुकीम काला की गिरफ्तारी का इनाम
मेरठ जोन की कमान तेजतर्रार आईपीएस अफसर सुजीत पांडेय को सौंपी गई है। बुलंदशहर समेत 12 जिलों में बतौर एसएसपी रहे सुजीत आठ साल सीबीआई, दो साल एंटी करप्शन दिल्ली और करीब डेढ़ साल एसटीएफ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी सुजीत मूल रूप से भागलपुर, बिहार के निवासी हैं। कुख्यात मुकीम काला और पाक जासूस मोहम्मद इजाज की गिरफ्तारी में उनकी अहम भूमिका रही थी। पुलिस महकमे में चर्चा है कि उन्हें मुकीम काला की गिरफ्तारी कराने का इनाम मिला है।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव कराना प्राथमिकता
आईजी सुजीत पांडे और डीआईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख का चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्वक कराना उनकी प्राथमिकता होगा। जोन में सांप्रदायिक घटनाओं पर शिकंजा कसा जाएगा। दोनों समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
आलोक शर्मा होंगे एडीजी पीटीएस
बतौर आईजी जोन दो साल की सफल पारी खेलने वाले आलोक शर्मा अब एडीजी पीटीएस मेरठ होंगे। उनका कार्यकाल अच्छा रहा। मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद आलोक शर्मा को मेरठ जोन की कमान सौंपी गई थी। उनका कहना है कि सांप्रदायिक घटनाओं से निपटना, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष के अलावा प्रधानी का चुनाव शांतिपूर्वक कराना हमारी सफलता रही।
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राजनीतिक दबाव में पुलिस की कार्यशैली को लेकर डीआईजी बहुत नाराज हुआ करते थे। कई बार सपा नेताओं से उनकी तीखी झड़प हुई। शायद यही वजह थी कि आशुतोष कुमार मेरठ रेंज में चार माह का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए।
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डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार का ट्रांसफर बृहस्पतिवार को बरेली रेंज में हुआ है। आशुतोष कुमार ने 24 सितंबर 2015 को मेरठ रेंज की कमान संभाली थी।
डीआईजी ने बताया कि मेरठ में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस इंसाफ नहीं कर पाती। चार महीने मेरठ का कार्यकाल ठीकठाक रहा, लेकिन कई बड़े मामलों में दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। डीआईजी का एसएसपी मेरठ से भी छत्तीस का आंकड़ा रहा।
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लक्ष्मी सिंह को रेंज की कमान
डीआईजी रेंज लक्ष्मी सिंह बुलंदशहर में एसएसपी और बागपत में एसपी भी रह चुकी हैं। चर्चित तीरगरान सांप्रदायिक बवाल में लक्ष्मी सिंह ने एक सप्ताह तक शहर में रहकर शांति व्यवस्था बनाने का काम किया था। उनके नेतृत्व में दोनों समुदायों में सौहार्द कायम रखने की कोशिश सफल रही थी।
मुकीम काला की गिरफ्तारी का इनाम
मेरठ जोन की कमान तेजतर्रार आईपीएस अफसर सुजीत पांडेय को सौंपी गई है। बुलंदशहर समेत 12 जिलों में बतौर एसएसपी रहे सुजीत आठ साल सीबीआई, दो साल एंटी करप्शन दिल्ली और करीब डेढ़ साल एसटीएफ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी सुजीत मूल रूप से भागलपुर, बिहार के निवासी हैं। कुख्यात मुकीम काला और पाक जासूस मोहम्मद इजाज की गिरफ्तारी में उनकी अहम भूमिका रही थी। पुलिस महकमे में चर्चा है कि उन्हें मुकीम काला की गिरफ्तारी कराने का इनाम मिला है।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव कराना प्राथमिकता
आईजी सुजीत पांडे और डीआईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख का चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्वक कराना उनकी प्राथमिकता होगा। जोन में सांप्रदायिक घटनाओं पर शिकंजा कसा जाएगा। दोनों समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
आलोक शर्मा होंगे एडीजी पीटीएस
बतौर आईजी जोन दो साल की सफल पारी खेलने वाले आलोक शर्मा अब एडीजी पीटीएस मेरठ होंगे। उनका कार्यकाल अच्छा रहा। मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद आलोक शर्मा को मेरठ जोन की कमान सौंपी गई थी। उनका कहना है कि सांप्रदायिक घटनाओं से निपटना, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष के अलावा प्रधानी का चुनाव शांतिपूर्वक कराना हमारी सफलता रही।