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ऑनलाइन परीक्षा फार्म का सिस्टम फ्लॉप
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 03 Mar 2016 02:17 AM IST
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चौधरी चरण सिंह विवि का ऑनलाइन परीक्षा फार्म भराने का सिस्टम फ्लॉप साबित हो रहा है। सिस्टम की खामियों का हर्जाना छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। जितने छात्र परीक्षा फार्म भरने के लिए साइबर कैफ पर जा रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा छात्र हर रोज विवि कैंपस स्थित बीएड सेल में अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। तीन घंटे लाइन में लगने के बाद भी छात्रों की नंबर नहीं आ रहा है।
बुधवार को विवि कैंपस में हजारों छात्र अपने परीक्षा फार्म में खामी को ठीक कराने के लिए पहुंचे। एप्लीकेशन रिसीव कराने के लिए मारामारी मची रही। बीएड सेल के बाहर छात्रों में पहले धक्का मुक्की हुई और फिर मारपीट भी हुई। क्योंकि विवि ऐसा कोई सिस्टम बनाने में नाकाम रहा है जिसके चलते परीक्षा फार्म में हो रही त्रुटि को एक केंद्र पर शिकायत कर सुधारा जा सके।
किसी छात्र का सब्जेेक्ट गलत खुल रहा है तो किसी की फीस ज्यादा कट रही है। इतना ही नहीं है, किसी की फीस जमा होने के बाद अकाउंट से पैसा कट रहा है, लेकिन फार्म कंप्लीट नहीं हो रहा है। ये तमाम तरह के झमेले छात्रों के लिए परीक्षा से पहले इम्तिहान ले रहे हैं।
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क्या होगा एप्लीकेशन का?
फार्म को लेकर विवि में हजारों की संख्या में एप्लीकेशन पहुंची हैं। एप्लीकेशन को रिकॉर्ड में रखने का भी कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में छात्रों की समस्या का समाधान होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। क्योंकि ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने का सिस्टम देख रही कंपनी के पास भी इतना स्टाफ ही नहीं है, जो इतनी एप्लीकेशन को एक साथ लेकर समस्या ठीक कर सके।
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बुधवार को विवि कैंपस में हजारों छात्र अपने परीक्षा फार्म में खामी को ठीक कराने के लिए पहुंचे। एप्लीकेशन रिसीव कराने के लिए मारामारी मची रही। बीएड सेल के बाहर छात्रों में पहले धक्का मुक्की हुई और फिर मारपीट भी हुई। क्योंकि विवि ऐसा कोई सिस्टम बनाने में नाकाम रहा है जिसके चलते परीक्षा फार्म में हो रही त्रुटि को एक केंद्र पर शिकायत कर सुधारा जा सके।
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किसी छात्र का सब्जेेक्ट गलत खुल रहा है तो किसी की फीस ज्यादा कट रही है। इतना ही नहीं है, किसी की फीस जमा होने के बाद अकाउंट से पैसा कट रहा है, लेकिन फार्म कंप्लीट नहीं हो रहा है। ये तमाम तरह के झमेले छात्रों के लिए परीक्षा से पहले इम्तिहान ले रहे हैं।
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क्या होगा एप्लीकेशन का?
फार्म को लेकर विवि में हजारों की संख्या में एप्लीकेशन पहुंची हैं। एप्लीकेशन को रिकॉर्ड में रखने का भी कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में छात्रों की समस्या का समाधान होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। क्योंकि ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने का सिस्टम देख रही कंपनी के पास भी इतना स्टाफ ही नहीं है, जो इतनी एप्लीकेशन को एक साथ लेकर समस्या ठीक कर सके।