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गन्ना भुगतान करें मिल, नहीं तो होगी कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:49 AM IST
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उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने किसानों का गन्ना भुगतान दबाए बैठी शुगर मिलों को फटकार लगाते हुए तुरंत भुगतान करने के निर्देश दिए। वे मंगलवार को गन्ना भवन में गत और वर्तमान पेराई सत्र के गन्ना भुगतान की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने गत पेराई सत्र का संपूर्ण भुगतान नहीं करने वाली मवाना, मोदीनगर और मलकपुर शुगर मिल के प्रबंधन को तुरंत भुगतान करने की चेतावनी दी है। तीनों शुगर मिलों पर 237 करोड़ रुपये बकाया है। वर्तमान सत्र में भी तीनों शुगर मिलों ने भुगतान करना शुरू नहीं किया है।
वहीं किनौनी, नंगलामल, सिंभावली और बृजनाथपुर शुगर मिल भी भुगतान में फिसड्डी चल रही है। किनौनी ने गन्ना मूल्य देय के सापेक्ष 10 फीसदी, नंगलामल मिल ने 5 फीसदी, सिंभावली मिल ने 3 और बृजनाथपुर मिल ने 2 फीसदी भुगतान किया है। बैठक में डीसीओ मेरठ आनंद शुक्ला, डीसीओ हापुड़/गाजियाबाद डॉ. नमिता कश्यप, आरपीओ उपेंद्र सिंह के अलावा सभी मिलों के प्रबंधक मौजूद रहे।
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1611 करोड़ रुपये बकाया हैं मिलों पर
तमाम रियायतें लेने के बाद भी शुगर मिल किसानों का पेमेंट नहीं कर रही हैं। चालू पेराई सत्र का निजी शुगर मिलों ने केवल 24 फीसदी ही भुगतान किया है। मंडल की शुगर मिलों पर गन्ना मूल्य भुगतान के सापेक्ष 1611 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है।
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उन्होंने गत पेराई सत्र का संपूर्ण भुगतान नहीं करने वाली मवाना, मोदीनगर और मलकपुर शुगर मिल के प्रबंधन को तुरंत भुगतान करने की चेतावनी दी है। तीनों शुगर मिलों पर 237 करोड़ रुपये बकाया है। वर्तमान सत्र में भी तीनों शुगर मिलों ने भुगतान करना शुरू नहीं किया है।
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वहीं किनौनी, नंगलामल, सिंभावली और बृजनाथपुर शुगर मिल भी भुगतान में फिसड्डी चल रही है। किनौनी ने गन्ना मूल्य देय के सापेक्ष 10 फीसदी, नंगलामल मिल ने 5 फीसदी, सिंभावली मिल ने 3 और बृजनाथपुर मिल ने 2 फीसदी भुगतान किया है। बैठक में डीसीओ मेरठ आनंद शुक्ला, डीसीओ हापुड़/गाजियाबाद डॉ. नमिता कश्यप, आरपीओ उपेंद्र सिंह के अलावा सभी मिलों के प्रबंधक मौजूद रहे।
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1611 करोड़ रुपये बकाया हैं मिलों पर
तमाम रियायतें लेने के बाद भी शुगर मिल किसानों का पेमेंट नहीं कर रही हैं। चालू पेराई सत्र का निजी शुगर मिलों ने केवल 24 फीसदी ही भुगतान किया है। मंडल की शुगर मिलों पर गन्ना मूल्य भुगतान के सापेक्ष 1611 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है।