GST: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, 12 नहीं अब भरने होंगे चार रिटर्न, नए साल में होगा फायदा
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जीएसटी रिटर्न से जुड़े नियमों में नए साल से बदलाव करने की कवायद चल रही है। इसके तहत सालाना 5 करोड़ रुपये तक का व्यवसाय करने वाले छोटे कारोबारियों को अब 12 नहीं सिर्फ 4 जीएसटी रिटर्न फाइल करने होंगे। जिले में ऐसे करीब 12 हजार कारोबारी हैं। इन्हें इससे राहत मिलेगी।
इस समय कारोबारियों को मासिक आधार पर 12 रिटर्न (जीएसटीआर 3बी) दाखिल करने होते हैं। एसजीएसटी सूत्रों के मुताबिक, अगले साल जनवरी से चार जीएसटीआर 3बी रिटर्न भरने होंगे, ऐसी कवायद चल रही है। टैक्स के मासिक भुगतान की योजना के साथ तिमाही रिटर्न दाखिल करने की योजना का असर करीब 12 हजार करदाताओं पर पड़ेगा।
दरअसल, इस योजना से जीएसटी में रजिस्टर्ड उन कारोबारियों को फायदा होगा, जिनका सालाना व्यवसाय पांच करोड़ रुपये तक का है। इस योजना को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराने में भी लागू किया जाएगा। यह केवल रिपोर्ट किए जाने वाले बिलों को लेकर होगी। इस योजना के तहत इनवॉयस दाखिल करने की सुविधा का विकल्प भी दिया जाएगा।
एसजीएसटी के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि जीएसटी काउंसिल समय-समय पर व्यापारियों को राहत देने के लिए जीएसटी के नियमों में बदलाव करती है। उसी के तहत व्यापारियों को राहत देने की कोशिश की जा रही है।
छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत
कर सलाहकार संजीव गुप्ता का कहना है कि नए नियम से छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। जीएसटी की मासिक औपचारिकताएं खत्म होने से व्यापारी कारोबार पर अधिक ध्यान लगा सकेंगे। उनको मासिक जीएसटी रिटर्न-3बी अपलोड करना अनिवार्य था। इस रिटर्न को अगले माह की तय तिथि तक भरने का नियम था। तय तिथि तक न भरने पर विलंब शुल्क का प्रावधान है।
जीएसटी सरल बनाने में मिली मदद
जीएसटीआर-2बी हर रजिस्टर्ड व्यक्ति के लिए बनाया है, जो उसके आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अपने संबंधित जीएसटीआर-1, 5 (अनिवासी कर योग्य व्यक्ति) और 6 (इनपुट सर्विस वितरक) में दी गई जानकारियों पर आधारित है। यह एक अपरिवर्ती विवरण है और इसे प्रत्येक माह के लिए उपलब्ध कराया गया है।
जीएसटीआर-2बी रिटर्न तैयार करने में लगने वाले समय को कम करने, त्रुटियों को कम करने, सुलह में सहायता करने और रिटर्न दाखिल करने से संबंधित अनुपालन को सरल बनाने में मदद मिली है।