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Meerut: न्यूरो फिजिशियन डॉ. भूपेन्द्र चौधरी के निधन से शोक, डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मिली थी मानद उपाधि
Sat, 29 Jul 2023 05:18 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 29 Jul 2023 05:18 PM IST
सार
मेरठ के प्रसिद्ध न्यूरो फिजिशियन डॉक्टर भूपेन्द्र चौधरी का 55 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया। उन्हें डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका था। उनके निधन के बाद से शहर भर के चिकित्सकों में शोक की लहर दौड़ गई।
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डॉ. भूपेंद्र चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ के प्रसिद्ध न्यूरो फिजिशियन डॉ. भूपेंद्र चौधरी का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। न्यूरो फिजिशियन डॉक्टर भूपेन्द्र चौधरी (55) गढ़ रोड स्थित भटीपुरा गांव के रहने वाले थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मध्यप्रदेश में हुई। 10 और 12 मेरठ में यूपी बोर्ड से डीएवी इंटर कॉलेज से की। 10वीं में स्कूल टॉप करने पर 40 रुपये प्रतिमाह वजीफा मिला। इंटर में जिले में 5वां नंबर रहा।
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उन्होंने एमबीबीएस और एमडी एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज से और डीएम बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी वाराणसी से की। एमबीबीएस में गोल्ड मेडल मिला। एक साल दिल्ली अपोलो में प्रैक्टिस की। अप्रैल 1999 में अपना क्लीनिक शुरू किया। इन्हें 2015 में अमेरिका अकादमी से फैलोशिप मिली थी।
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इनका जन्म 1968 में उज्जैन के मण्डलेष्वर में हुआ था। पिता पुलिस में थे, जिनकी मौत के समय वह 14 साल के थे। जब इनकी माता का निधन हुआ तो 25 साल के थे। इनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी लीना जनरल फिजिशियन हैं। बेटा एमबीबीएस कर चुका है और बेटी एमबीबीएस कर रही है।
आज वह अपने क्लीनिक से ठीक-ठाक स्थिति में घर पहुंचे। इसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया। आनन-फानन में उन्हें जसवंत राय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मौत से चिकित्सकों में शोक की लहर है। घर पर चिकित्सकों का तांता लग गया।
भूपेंद्र चौधरी लंबे समय तक पल्स पोलियो अभियान से जुड़े रहे थे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी थी।
आज वह अपने क्लीनिक से ठीक-ठाक स्थिति में घर पहुंचे। इसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया। आनन-फानन में उन्हें जसवंत राय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मौत से चिकित्सकों में शोक की लहर है। घर पर चिकित्सकों का तांता लग गया।
भूपेंद्र चौधरी लंबे समय तक पल्स पोलियो अभियान से जुड़े रहे थे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी थी।