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मेरठ नमकीन शॉप में कर्मचारी की मौत, तोड़फोड़, जाम
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 11 Aug 2016 02:03 AM IST
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नमकीन व्यापारी की मौत के बाद जाम लगाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ नमकीन शॉप के एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत होने पर जमकर बखेड़ा हुआ। मृतक के गांव के लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ कर दी, सड़क पर जाम लगाकर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने लाठी फटकारकर जाम खुलवाया। शाम को समझौता होने पर घंटों चला हंगामा खत्म हुआ।
बुलंदशहर जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी मैनपाल का बेटा धर्मेंद्र (24) गढ़ रोड स्थित मेरठ नमकीन भंडार की शॉप पर काम करता था। शॉप के ऊपर ही बने कमरों में वह अन्य कारीगरों के साथ रहता था। बुधवार सुबह करीब आठ बजे शॉप की ऊपरी मंजिल का इनवर्टर खराब हो गया। शॉप के कर्मचारियों का कहना है कि धर्मेंद्र उसे चेक कर रहा था। तभी उसे तेज करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। उसकी छाती फट गई। उसके साथियों ने शॉप संचालक को जानकारी दी।
संचालक और अन्य कर्मी उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने पुलिस और धर्मेंद्र के परिजनों को सूचना दी। आननफानन में शॉप पर काम करने वाले कुछ कारीगरों के साथ धर्मेंद्र का शव एंबुलेंस से उसके गांव भेज दिया।
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उधर, मृतक के परिजन और 50-60 ग्रामीण एक मिनी टेंपो में भरकर मेरठ के लिए चल दिए थे। उन्होंने हापुड़ के निकट रस्ते में धर्मेंद्र का शव ले जा रही एंबुलेंस रुकवा ली और उसे लेकर मेरठ नमकीन शॉप पहुंच गए। शॉप संचालक और धर्मेंद्र के पिता में बातचीत चल रही थी, तभी गुस्साए ग्रामीणों ने शॉप में तोड़फोड़ शुरू कर दी। ग्रामीणों ने धर्मेंद्र की हत्या का आरोप लगाकर हंगामा काटा।
भीड़ ने शॉप में घुसने की कोशिश की, तो कर्मचारियों ने शटर गिरा दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने शटर तोड़ डाला। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अंदर घुसने से रोका। इससे भीड़ और भड़क गई। शव को गढ़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सीओ नौचंदी विनोद सिरोही, मेडिकल एसओ समेत और पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा और करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
पोस्टमार्टम हाउस पर भी तीन घंटे हंगामा
ग्रामीणों की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस पर भी पहुंच गई। यहां भी तीन घंटे हंगामा किया। लोगों का कहना था कि धर्मेंद्र की हत्या हुई है। शॉप संचालकों ने शव को गांव भेजने की जल्दबाजी क्यों दिखाई। शाम करीब पांच बजे दोनों पक्षों में सुलह हो गई। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
काश, साथियों की बात मान लेता
शॉप संचालक पक्ष के अनिल बंसल का कहना है कि धर्मेेंद्र जब खुद इनवर्टर ठीक करने लगा, तो अन्य कर्मचारियों ने उसे रोका। कहा कि शॉप खुलने पर मिस्त्री इनवर्टर चेक कर लेगा। लेकिन धर्मेंद्र नहीं माना। यह दुखद हादसा है। धर्मेंद्र के परिजनों ने किसी तरह का विरोध नहीं किया। उसके गांव से आए कुछ लोगों ने ही माहौल खराब किया। उसके पिता से समझौता हो गया है।
कोट
शॉप संचालक मृतक कर्मचारी के परिवार को काफी समय से जानते थे। धर्मेंद्र के पिता तो पोस्टमार्टम भी नहीं कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने एहतियातन पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। समझौता हो गया है। कोई शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है।
- हरशरण शर्मा, एसओ नौचंदी
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बुलंदशहर जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी मैनपाल का बेटा धर्मेंद्र (24) गढ़ रोड स्थित मेरठ नमकीन भंडार की शॉप पर काम करता था। शॉप के ऊपर ही बने कमरों में वह अन्य कारीगरों के साथ रहता था। बुधवार सुबह करीब आठ बजे शॉप की ऊपरी मंजिल का इनवर्टर खराब हो गया। शॉप के कर्मचारियों का कहना है कि धर्मेंद्र उसे चेक कर रहा था। तभी उसे तेज करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। उसकी छाती फट गई। उसके साथियों ने शॉप संचालक को जानकारी दी।
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संचालक और अन्य कर्मी उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने पुलिस और धर्मेंद्र के परिजनों को सूचना दी। आननफानन में शॉप पर काम करने वाले कुछ कारीगरों के साथ धर्मेंद्र का शव एंबुलेंस से उसके गांव भेज दिया।
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उधर, मृतक के परिजन और 50-60 ग्रामीण एक मिनी टेंपो में भरकर मेरठ के लिए चल दिए थे। उन्होंने हापुड़ के निकट रस्ते में धर्मेंद्र का शव ले जा रही एंबुलेंस रुकवा ली और उसे लेकर मेरठ नमकीन शॉप पहुंच गए। शॉप संचालक और धर्मेंद्र के पिता में बातचीत चल रही थी, तभी गुस्साए ग्रामीणों ने शॉप में तोड़फोड़ शुरू कर दी। ग्रामीणों ने धर्मेंद्र की हत्या का आरोप लगाकर हंगामा काटा।
भीड़ ने शॉप में घुसने की कोशिश की, तो कर्मचारियों ने शटर गिरा दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने शटर तोड़ डाला। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अंदर घुसने से रोका। इससे भीड़ और भड़क गई। शव को गढ़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सीओ नौचंदी विनोद सिरोही, मेडिकल एसओ समेत और पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा और करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
पोस्टमार्टम हाउस पर भी तीन घंटे हंगामा
ग्रामीणों की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस पर भी पहुंच गई। यहां भी तीन घंटे हंगामा किया। लोगों का कहना था कि धर्मेंद्र की हत्या हुई है। शॉप संचालकों ने शव को गांव भेजने की जल्दबाजी क्यों दिखाई। शाम करीब पांच बजे दोनों पक्षों में सुलह हो गई। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
काश, साथियों की बात मान लेता
शॉप संचालक पक्ष के अनिल बंसल का कहना है कि धर्मेेंद्र जब खुद इनवर्टर ठीक करने लगा, तो अन्य कर्मचारियों ने उसे रोका। कहा कि शॉप खुलने पर मिस्त्री इनवर्टर चेक कर लेगा। लेकिन धर्मेंद्र नहीं माना। यह दुखद हादसा है। धर्मेंद्र के परिजनों ने किसी तरह का विरोध नहीं किया। उसके गांव से आए कुछ लोगों ने ही माहौल खराब किया। उसके पिता से समझौता हो गया है।
कोट
शॉप संचालक मृतक कर्मचारी के परिवार को काफी समय से जानते थे। धर्मेंद्र के पिता तो पोस्टमार्टम भी नहीं कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने एहतियातन पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। समझौता हो गया है। कोई शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है।
- हरशरण शर्मा, एसओ नौचंदी