फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Mukesh Siddharth sent to jail in judicial custody and interim bail taken by hiding facts cancelled

Meerut : मुकेश सिद्धार्थ को न्यायिक हिरासत में भेजा जेल, तथ्य छिपाकर ली अंतरिम जमानत हुई निरस्त, जेल पर हंगामा

Tue, 09 Jan 2024 12:56 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 09 Jan 2024 12:56 AM IST
सार

Meerut News : राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र को जिंदा जलाने के विवादित बयान के मामले में मुकेश सिद्धार्थ को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 

विज्ञापन
Meerut: Mukesh Siddharth sent to jail in judicial custody and interim bail taken by hiding facts cancelled
पुलिस गिरफ्त में सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र को जिंदा जलाने के विवादित बयान के मामले में सोमवार को सिविल लाइन पुलिस ने सपा नेता व एससी-एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मुकेश सिद्धार्थ को एसीजेएम कोर्ट-5 में पेश किया। कोर्ट ने मुकेश सिद्धार्थ की जमानत अर्जी खारिज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पेशी से पहले मेडिकल के दौरान जिला अस्पताल में गाड़ी में बैठने को लेकर सपा नेता की पुलिस से बहस भी हो गई। इसके बाद पुलिस उन्हें बाइक से कचहरी ले गई।

विज्ञापन


नगर निगम में पार्षदों की पिटाई के मामले में शनिवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के दौरान मुकेश सिद्धार्थ ने सोमेंद्र तोमर को जिंदा जलाने का एलान कर दिया था। इस पर सिविल लाइन पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने पर मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। रविवार रात आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।

विज्ञापन

वापस नहीं लूंगा अपने शब्द, कितने भी मुकदमे हो जाएं दर्ज
कोर्ट से पुलिस अभिरक्षा में बाहर निकले मुकेश सिद्धार्थ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और अपने शब्द वापस नहीं लेंगे। इसके लिए चाहे उनके खिलाफ कितने भी मुकदमे दर्ज हो जाएं। बहुजन समाज की इसी तरह सेवा करता रहूंगा।

तथ्य छिपाकर ली अंतरिम जमानत हुई निरस्त, जेल पर हंगामा
डीजीसी क्रिमिनल सर्वेश शर्मा ने बताया कि न्यायालय एसीजेएम-5 ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश कर दिया था। इसके तुरंत बाद आरोपी के अधिवक्ता ने अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय जिला जज मेरठ के यहां दाखिल कर दिया।

विज्ञापन

अपर जिला जज कोर्ट संख्या-एक ने सुनवाई करते हुए आरोपी को 16 जनवरी 2024 तक अंतरिम जमानत दे दी। परिजनों ने कोर्ट से रिहाई का परवाना जारी करा लिया और जेल की ओर रवाना हो गए। पुलिस को पता चला तो उन्होंने डीजीसी क्रिमिनल सर्वेश शर्मा के माध्यम से न्यायालय को अवगत कराया कि आरोपी ने तथ्य छिपाते हुए अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है, उसे जेल भेजा चुका है। न्यायालय ने गलत तथ्य प्रस्तुत किए जाने पर जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। पुलिस ने इसकी सूचना जेल प्रशासन को फोन कर दे दी। मुकेश सिद्धार्थ के परिजन उनकी रिहाई का परवाना लेकर जेल पहुंचे तो अधिकारियों ने बताया कि इसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। जेल अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया।

यह भी पढ़ें: UP: पांच लाख का इनामी बद्दो सोशल मीडिया पर सक्रिय, इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर पूर्व डीजीपी पर साधा निशाना

राष्ट्रीय जाटव महासंघ ने मुकदमा खत्म करने की मांग
राष्ट्रीय जाटव महासंघ के पदाधिकारियों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ दर्ज मुकदमा खत्म किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर निगम पार्षदों के साथ मारपीट करने वाले भाजपा के मंत्री व एमएलसी के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ एक बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इससे जाटव समाज में रोष है। पुलिस भाजपा के मंत्री व एमएलसी के खिलाफ भी कार्रवाई करे या मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ दर्ज कर मुकदमा खत्म किया जाए।

यह भी पढ़ें: Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर के लिए त्याग का अभिप्राय बन गए चंपत राय, कहे जाते हैं रामलला के पटवारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed