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मेरठ में रेपिड ट्रेन के कार्रिडोर का हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2016 02:34 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ से दिल्ली के बीच रैपिड ट्रेन चलाने को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी गई है। लेकिन इसके लिए डीपीआर पर तेजी से काम करना होगा। साथ ही मेरठ में काम शुरू करने से पहले यातायात का वैकल्पिक मार्ग भी ठोस तरीके से तैयार करना होगा।
दरअसल, आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) पर काम करने के लिए उस समय बाधा उत्पन्न हुई। जब डीपीआर अंतिम चरण में थी और बस सबमिट ही होनी वाली थी। डीआईएमपीएस ने इसकी डीपीआर पर काम किया था। अहम बात यह रही कि जैसे ही एनएचएआई अधिकारियों ने आपत्ति लगा दी।
इसके विकल्प के रूप में राजनगर एक्सटेंशन, मुरादनगर और मोदीनगर के पीछे से नया रूट प्रस्तावित किया था। इस रूट को केंद्र सरकार की कंसलटेंट फर्म ने अव्यवहारिक बता दिया। उसका मानना था कि यह ट्रैक एनएच-58 पर ही बनना चाहिए। लेकिन इस पर एनएचएआई अधिकारी अड़ गए। अब जब समस्या का समाधान हो गया है तो इस डीपीआर को फिर से जल्द ही फाइनल करना होगा। ताकि समय से इस पर काम शुरू किया जा सके।
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वैकल्पिक मार्ग का बने ठोस प्लान
दरअसल, दिल्ली से मेरठ को जाने वाली इस सड़क पर ट्रैफिक लोड बहुत ज्यादा है। इस सड़क पर दो से तीन लाख लोग रोजाना सफर करते हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर जाम की स्थिति रहती है। यदि इस रोड पर आरआरटीएस पर काम होगा तो निश्चित रूप से रूट डायवर्जन करना होगा। बस यही प्लान ठोस तरीके से बनाना होगा। इतने बड़े ट्रैफिक को कैसे डायवर्ट किया जा सकेगा। हालांकि मुरादनगर नहर की पटरी और मोदीनगर के पास से हापुड़ रोड को जोड़ने वाली सड़क पर यह प्लान बनाया जा रहा है। पर यह नाकाफी साबित होगा।
यह है रैपिड ट्रेन का प्रोजेक्ट
- कुल 90 किमी किमी। यूपी गेट से परतापुर 50 किमी
- कुल आठ किमी रहेगा एलीवेटिड, बाकी अंडर ग्राउंड
- सराय काले खां से आनंद विहार तक ट्रैक सुरंग से जोड़ा जाएगा।
- पड़पड़गंज, नोएडा लिंक रोड, अक्षरधाम, खेलगांव यमुना के भीतर से गुजरेगी
- दूसरे चरण में डीपीआर के तहत दिल्ली से 11 किमी लंबा भूमिगत मार्ग रहेगा
- दिल्ली में पूरा अंडरग्राउंड सेक्शन
- हुगली नदी की तर्ज पर यमुना के नीचे से टनल का प्लान
- मुरादनगर बाजार में तीन किमी एलीवेटिड
- मोदीनगर बाजार में पांच किमी तक एलीवेटिड
यह है काम का शेड़्यूल
सराय काले खां से आनंद विहार - प्रथम फेज
आनंद विहार से परतापुर - द्वितीय फेज
परतापुर से दौराला - तृतीय फेज
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दरअसल, आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) पर काम करने के लिए उस समय बाधा उत्पन्न हुई। जब डीपीआर अंतिम चरण में थी और बस सबमिट ही होनी वाली थी। डीआईएमपीएस ने इसकी डीपीआर पर काम किया था। अहम बात यह रही कि जैसे ही एनएचएआई अधिकारियों ने आपत्ति लगा दी।
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इसके विकल्प के रूप में राजनगर एक्सटेंशन, मुरादनगर और मोदीनगर के पीछे से नया रूट प्रस्तावित किया था। इस रूट को केंद्र सरकार की कंसलटेंट फर्म ने अव्यवहारिक बता दिया। उसका मानना था कि यह ट्रैक एनएच-58 पर ही बनना चाहिए। लेकिन इस पर एनएचएआई अधिकारी अड़ गए। अब जब समस्या का समाधान हो गया है तो इस डीपीआर को फिर से जल्द ही फाइनल करना होगा। ताकि समय से इस पर काम शुरू किया जा सके।
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वैकल्पिक मार्ग का बने ठोस प्लान
दरअसल, दिल्ली से मेरठ को जाने वाली इस सड़क पर ट्रैफिक लोड बहुत ज्यादा है। इस सड़क पर दो से तीन लाख लोग रोजाना सफर करते हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर जाम की स्थिति रहती है। यदि इस रोड पर आरआरटीएस पर काम होगा तो निश्चित रूप से रूट डायवर्जन करना होगा। बस यही प्लान ठोस तरीके से बनाना होगा। इतने बड़े ट्रैफिक को कैसे डायवर्ट किया जा सकेगा। हालांकि मुरादनगर नहर की पटरी और मोदीनगर के पास से हापुड़ रोड को जोड़ने वाली सड़क पर यह प्लान बनाया जा रहा है। पर यह नाकाफी साबित होगा।
यह है रैपिड ट्रेन का प्रोजेक्ट
- कुल 90 किमी किमी। यूपी गेट से परतापुर 50 किमी
- कुल आठ किमी रहेगा एलीवेटिड, बाकी अंडर ग्राउंड
- सराय काले खां से आनंद विहार तक ट्रैक सुरंग से जोड़ा जाएगा।
- पड़पड़गंज, नोएडा लिंक रोड, अक्षरधाम, खेलगांव यमुना के भीतर से गुजरेगी
- दूसरे चरण में डीपीआर के तहत दिल्ली से 11 किमी लंबा भूमिगत मार्ग रहेगा
- दिल्ली में पूरा अंडरग्राउंड सेक्शन
- हुगली नदी की तर्ज पर यमुना के नीचे से टनल का प्लान
- मुरादनगर बाजार में तीन किमी एलीवेटिड
- मोदीनगर बाजार में पांच किमी तक एलीवेटिड
यह है काम का शेड़्यूल
सराय काले खां से आनंद विहार - प्रथम फेज
आनंद विहार से परतापुर - द्वितीय फेज
परतापुर से दौराला - तृतीय फेज