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Meerut: पिता के हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास, सिर में गोली मारकर तीन बेकसूरों पर लगा दिया था इल्जाम
Thu, 15 Aug 2024 11:37 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 15 Aug 2024 11:37 PM IST
सार
पिता की हत्या करने वाले हत्यारे बेटे को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्यारे ने पिता के सिर में गोली मारी थी।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
न्यायालय अपर जिला जज रवि यादव ने 27 जून 2015 को गांव बढला में पिता हुकुम सिंह की हत्या के दोषी बेटे श्रीपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। श्रीपाल ने पिता की हत्या के बाद इस मामले में तीन अन्य युवकों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था।
श्रीपाल ने थाना मुंडाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 जून को उसके पिता मकान में नीचे सो रहे थे। रात्रि में उनके मकान में घुसकर गांव के ही मंटू, सुभाष व गिरीश ने रंजिश के चलते उसके पिता की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। हुकम सिंह के सिर में गोली लगने से मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि हुकम सिंह की हत्या मुकदमा दर्ज कराने वाले बेटे श्रीपाल ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी श्रीपाल को गिरफ्तार कर भेजा और आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर साक्ष्य व गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद श्रीपाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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श्रीपाल ने थाना मुंडाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 जून को उसके पिता मकान में नीचे सो रहे थे। रात्रि में उनके मकान में घुसकर गांव के ही मंटू, सुभाष व गिरीश ने रंजिश के चलते उसके पिता की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। हुकम सिंह के सिर में गोली लगने से मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि हुकम सिंह की हत्या मुकदमा दर्ज कराने वाले बेटे श्रीपाल ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी श्रीपाल को गिरफ्तार कर भेजा और आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर साक्ष्य व गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद श्रीपाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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