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मेरठ के कई लोगों को नाम से जानते थे अटल
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:51 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मेरठ से गहरा नाता रहा। जब तक वह सक्रिय राजनीति में रहे तब तक मेरठ के कई नेताओं को वह नाम लेकर याद करते रहे। वह कई बार मेरठ आए। वह जनसभाओं को संबोधित करने से लेकर व्यक्तिगत संबंधों के लिए भी मेरठ आए।
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आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख अजय मित्तल ने बताया कि 1965 में जब वह 13 साल के थे तो उन्हें याद है तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने पाकिस्तान से कच्छ समझौता किया था। जिसका जनसंघ द्वारा विरोध किया गया था। इस विरोध में जनसंघ ने जागरण अभियान चलाते हुए जनसभाएं की थीं। ऐसी ही जनसभा जिमखाना मैदान में हुई थी। जिसे अटल बिहारी वाजपेयी ने संबोधित किया था और भारी भीड़ उन्हें सुनने के लिए जुटी थी। इसके बाद वह लालकृष्ण आडवाणी के साथ 1970 में खंदक निवासी चंपक लाल के यहां आए थे। उनके आगमन की खबर पर मैं भी चंपक लाल जी के यहां पहुंचा और उनसे मुलाकात की। आडवाणी जी ने अंग्रेजी के एक पत्र को दिखाते हुए कहा कि इसका कोई हिंदी में अनुवाद कर सकता है तो मैंने उसका हिंदी अनुवाद उन्हें लिखकर दिया था। जिस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी पीठ थपथपाई थी। अजय मित्तल बताते हैं कि इसके बाद भी अटल बिहारी वाजपेयी कई बार मेरठ चुनावी जनसभाओं को संबोधित करने आए थे। यही नहीं मेरठ के वरिष्ठतम भाजपा नेता मोहन लाल कपूर, वासुदेव शर्मा, शकुंतला कौशिक आदि को अटल बिहारी वाजपेयी अच्छी तरह जानते थे।
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