Meerut: शास्त्रीनगर की पहचान रहीं इमारतें हो रहीं ध्वस्त, बारिश में भी चला धरना, लिखित आश्वासन पर अड़ीं
मेरठ के शास्त्रीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण जारी है। कभी इलाके की पहचान रहे रंगोली मंडप, कौशल्या पैलेस और अन्य व्यावसायिक भवन अब जमींदोज किए जा रहे हैं। दूसरी ओर प्रभावित व्यापारी और स्थानीय महिलाएं पिछले 110 दिनों से मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर धरने पर डटी हैं।
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मेरठ के शास्त्रीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद की कार्रवाई तेज हो गई है। नोटिस मिलने के बाद कई भवन स्वामी खुद ही अपनी इमारतों का ध्वस्तीकरण करा रहे हैं। इनमें शास्त्रीनगर की पहचान रहे रंगोली मंडप, कौशल्या पैलेस, सूजल भवन और कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
रंगोली मंडप का खत्म हो रहा तीन दशक पुराना सफर
शास्त्रीनगर का रंगोली मंडप कभी शहर के सबसे प्रतिष्ठित विवाह स्थलों में गिना जाता था। यहां शादी करना सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता था। स्थानीय लोग आज भी इस क्षेत्र की पहचान रंगोली मंडप के नाम से करते हैं। ध्वस्तीकरण कर रहे ठेकेदार के अनुसार यह भवन वर्ष 1990 में बना था और अगले 15 दिनों में पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।
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110वें दिन भी जारी रहा धरना
सेंट्रल मार्केट सेक्टर-2 और गोल मंदिर के पास सेक्टर-3 व 4 के चौराहे पर महिलाओं और व्यापारियों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त नहीं किया। यह धरना 110वें दिन में पहुंच गया है।
प्रभावित परिवारों ने रखीं ये मांगें
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कीम नंबर-7 के अंतर्गत सेक्टर-1 से 13 तक अल्प और दुर्बल आय वर्ग के करीब 471 मकान प्रभावित हैं, जिनमें लगभग तीन हजार लोग रहते हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रत्येक प्रभावित व्यापारी को हर महीने 50 हजार रुपये गुजारा भत्ता दिया जाए और निशुल्क दुकानें आवंटित की जाएं। उनका कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा।
कई प्रमुख भवनों का चल रहा ध्वस्तीकरण
आवास एवं विकास परिषद ने 8 अप्रैल को 44 संपत्तियों को सील किया था। परिषद के अनुसार इन भवनों में पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हाल ही में सील हटने के बाद भवन स्वामी स्वयं ध्वस्तीकरण करा रहे हैं। इनमें रंगोली मंडप, कौशल्या पैलेस, डॉ. अशोक गर्ग का क्लीनिक, बैटरी व किराना स्टोर वाला कॉम्प्लेक्स, सूजल भवन और आवास विकास चौराहा स्थित अन्य व्यावसायिक भवन शामिल हैं।