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Meerut: भाकियू के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने घेर ली कमिश्नरी, न कमिश्नर मिले और न डीएम, फिर लिया ये फैसला
Wed, 09 Jul 2025 09:09 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 09 Jul 2025 09:09 PM IST
सार
बिजली का निजीकरण न करने समेत किसानों की करीब डेढ़ सौ मांगों को लेकर भाकियू ने बुधवार को प्रदर्शन किया। कमिश्नर, डीएम के न मिलने पर एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया और मांगें पूरी करने की मांग की।
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कमिश्नरी पर प्रदर्शन करते भाकियू के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कमिश्नरी पहुंचकर किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। कमिश्नरी का मुख्य द्वार बंद किए जाने पर किसान सड़क पर ही तिरपाल बिछाकर बैठ गए। इसके बाद मुख्य द्वार खोला गया। वहीं, कमिश्रनर के न मिलने पर भाकियू कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने, बिजली का निजीकरण न किए जाने आदि मांगों से संबंधित ज्ञापन अपर आयुक्त और एडीएम सिटी को सौंपा। समस्याओं का समाधान न होने पर किसानों ने 11 अगस्त को कमिश्नरी कार्यालय के बाहर ही पंचायत करने की बात कही।
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कमिश्नरी पर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर आदि वाहनों में सवार होकर मेरठ कालेज के सामने पहुंचे। यहां से एकत्र होने के बाद किसान संगठन के लोग नारेबाजी करते हुए कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने किसानों की बिजली, पानी, स्वास्थ्य, मंडलायुक्त कोर्ट में पेंडिंग विवादों को निपटाने, बिजली का निजीकरण न किए जाने, फसल खरीद योजना बनाए जाने आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
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धरना प्रदर्शन में शामिल किसान।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य द्वारा पर ही उन्होंने धरना दिया। इस दौरान कमिश्नर से मिलने की मांग की, लेकिन कमिश्नर के मोदीपुरम में पौधरोपण कार्यक्रम में होने के कारण उन्होंने अपर मंडल आयुक्त अमित कुमार को 150 मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। इस दौरान करीब दो घंटे तक किसान यहीं डटे रहे। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां धरने पर बैठ गए।
किसानों ने जिला और प्रशासनिक स्तर की किसानों की समस्याओं को लेकर यहां प्रदर्शन किया। यहां जिला स्तरीय मांगों को उठाया और उनका समाधान करने की बात कही। जिलाधिकारी के न मिलने पर किसानों ने एडीएम सिटी बृजेश कुमार को ज्ञापन दिया।
उन्होंने गांवों में सड़क निर्माण, तालाबों की सफाई आदि से संबंधित 50 से अधिक मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कराया गया तो 11 अगस्त को पंचायत की जाएगी। इस पंचायत में कमिश्नरी कार्यालय के चारों ओर आने वाले मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। किसानों ने लगभग 4 घंटे तक जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान हर्ष चहल, मेजर सुरेंद्र, विपिन, सोनू, नीरज, अजय, उदयवीर, कपिल, मुकेश, प्रिंस, बादल आदि मौजूद रहे।