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UP: मेरठ में NGT की बड़ी कार्रवाई, सौ वर्ष पुराना चर्म शोधन कारखाना सील, ग्रामीणों को राहत, मजदूरों पर संकट

Mon, 13 Apr 2026 01:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 13 Apr 2026 01:00 PM IST
सार

मेरठ के रोहटा क्षेत्र के डूंगर गांव में करीब 100 साल पुरानी टेंडरी फैक्टरी को एनजीटी के आदेश पर सील करने की कार्रवाई शुरू हुई। ग्रामीणों ने प्रदूषण की शिकायत की थी, जबकि मजदूरों को रोजगार छिनने की चिंता सता रही है।

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Meerut: hundered-year-old tannery sealed on NGT orders, relief for villagers but worry for workers
चर्मशोधन कारखाने पर लगी सील - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के डूंगर गांव में करीब सौ वर्ष पुरानी चर्मशोधन (टेंडरी) इकाई पर कार्रवाई शुरू हो गई है।  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद प्रशासन ने फैक्टरी को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार सुबह से ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को संभाला जा सके।

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प्रदूषण की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि आसपास के गांवों के लोगों ने लंबे समय से शिकायत की थी कि टेंडरी से निकलने वाले गंदे पानी की उचित निकासी नहीं हो रही है। इससे खेतों की फसलें प्रभावित हो रही थीं और भूजल भी प्रदूषित हो रहा था।

इसी शिकायत के आधार पर मामला एनजीटी तक पहुंचा। सुनवाई के बाद एनजीटी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव को इकाई को बंद कराने के आदेश जारी किए।

Meerut: hundered-year-old tannery sealed on NGT orders, relief for villagers but worry for workers
चर्मशोधन कारखाने पर लगी सील - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों को राहत
फैक्टरी पर कार्रवाई की खबर से आसपास के गांवों के लोगों में राहत की भावना है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से टेंडरी से निकलने वाले गंदे पानी और बदबू के कारण उनका सांस लेना तक दूभर हो रहा था। यहां तक गांव में कई तरह की बीमारियों से भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उनका मानना है कि फैक्टरी बंद होने से अब पर्यावरण और खेती दोनों को फायदा मिलेगा।
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मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
हालांकि दूसरी ओर फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों में चिंता का माहौल है। मजदूरों का कहना है कि वे बचपन से इसी काम से जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है।

मजदूरों के अनुसार फैक्ट्री बंद होने की आशंका से वे पिछले दो दिनों से मानसिक तनाव में हैं और उन्हें अपने परिवार के पालन-पोषण की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि अगर फैक्टरी सील हो जाती है तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और एनजीटी के आदेश के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।

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