Meerut: हस्तिनापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, डिस्चार्ज 1.90 लाख क्यूसेक पहुंचा, सिंचाई विभाग अलर्ट
बिजनौर बैराज से 1.90 लाख क्यूसेक और भीमगौड़ा बैराज से 1.53 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन अलर्ट। तटबंध के लॉन्चिंग पैड पर कटान शुरू होने के बाद सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य तेज किया।
विस्तार
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का डिस्चार्ज बढ़ गया है। इसे देखते हुए हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में प्रशासन और सिंचाई विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
भीमगौड़ा और बिजनौर बैराज से बढ़ा पानी का प्रवाह
सिंचाई विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे भीमगौड़ा बैराज से 1,53,912 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 1,90,299 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज के आंकड़ों के मुताबिक, भीमगौड़ा बैराज का गेज 292.80 मीटर और बिजनौर बैराज का गेज 219.00 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते डिस्चार्ज के कारण आने वाले समय में हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें: राजनीति: मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट, सपा में टिकट के कई दावेदार, आदिल चौधरी से योगेश वर्मा तक किसे मिलेगा मौका?
खादर क्षेत्र में प्रशासन अलर्ट, ग्रामीणों को दी सलाह
जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटबंधों पर निगरानी तेज कर दी है। सिंचाई विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
लॉन्चिंग पैड पर शुरू हुआ कटान, बचाव कार्य तेज
गंगा के तेज बहाव के कारण तटबंध के नीचे बने लॉन्चिंग पैड पर कटान शुरू हो गया है। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने मौके पर बचाव कार्य तेज कर दिया है।
अधिकारियों ने तटबंध का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थानों पर मिट्टी और अन्य आवश्यक सामग्री डालकर कटान रोकने का कार्य कराया। विभाग का कहना है कि गंगा की धारा के दबाव पर लगातार नजर रखी जा रही है और फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
उधर, बढ़ते जलस्तर को लेकर खादर क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।