MEERUT: नवरात्रों में हुए इतने बैनामे, चौंका देंगे ये आंकड़े, सबसे खास रहा दुर्गाष्टमी का दिन
नवरात्रों में हुए बैनामे के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है। सात दिन में ही 2500 से अधिक रजिस्ट्री हुईं हैं। सबसे अधिक बैनामे तीन अक्तूबर को दुर्गाष्टमी के दिन हुए हैं।
विस्तार
विभाग को चार करोड़ 20 लाख रुपये का राजस्व मिला। मात्र सात दिन में ही जिले का राजस्व 23 करोड़ 98 लाख रुपये पहुंच गया। दिल्ली रोड, एनएच-58 पर सबसे अधिक संपत्तियों को खरीदने का रुझान है। इस क्षेत्र से रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी सबसे बेहतर है।
श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन सिर्फ छह करोड़ 21 लाख रुपये का राजस्व मिला। सरधना, मवाना क्षेत्र में भी कृषि जमीन, प्लॉट खरीदने के लिए निवेशक आगे आ रहे हैं। मोदीपुरम में रैपिड रेल डिपो बनने के साथ ही दौराला, सिवाया में जमीन की खरीदारी बढ़ गई है। मवाना सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में नवरात्रि के दिनों में 950 बैनामे और दो करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला। सरधना में खेल विवि सहित अन्य कार्यों के कारण बैनामे और राजस्व में बढ़ोतरी हुई है।
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पांच राज्यों को जोड़ रहा एनएच-58
एनएच-58 पर रियल एस्टेट सेक्टर सबसे अधिक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद चंद घंटों में ही निवेशक पांच राज्यों का सफर कर सकते हैं। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस से हरियाणा और राजस्थान भी आसानी से जा सकते हैं। यहां से उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश को जोड़ रहा है।
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एमडीए ने भी निकाली ई-नीलामी
एमडीए ने भी त्योहार सीजन में ई-नीलामी कार्यक्रम निकाल दिया है। 22 अक्तूबर को लाइव ई-नीलामी एमडीए की वेबसाइट पर होगी। इसके लिए पंजीकरण शुरू हो गए हैं। एमडीए ने एयरपोर्ट एंक्लेव में होटल प्लॉट, शताब्दीनगर, गंगानगर, पल्लवपुरम आदि क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को ई-नीलामी में शामिल किया है।
नवरात्रों के दिन में मिला राजस्व
26 सितंबर - दो करोड़ 98 लाख
27 सितंबर - तीन करोड़ 28 लाख
28 सितंबर - तीन करोड़ 74 लाख
29 सितंबर - तीन करोड़ 75 लाख
30 सितंबर - चार करोड़ तीन लाख
एक अक्तूबर - दो करोड़
दो अक्तूबर - राम नवमी अवकाश
तीन अक्तूबर - चार करोड़ 20 लाख
कुल राजस्व- 23 करोड़ 98 लाख रुपये
श्राद्धपक्ष के अंतिम पांच दिनों में राजस्व
20 सितंबर - एक करोड़ 16 लाख
21 सितंबर - एक करोड़ 98 लाख
22 सितंबर - 98 लाख
23 सितंबर - एक करोड़ 12 लाख
24 सितंबर - 97 लाख
कुल राजस्व - छह करोड़ 21 लाख रुपये