नकली पेट्रोल-डीजल मामला: अब होगी बड़ी कार्रवाई, जांच रिपोर्ट में मिलावटी तेल की पुष्टि
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नकली तेल बनाने वाली पारस और गणपति पेट्रो केम केमिकल फैक्टरियों पर बड़ी कार्रवाई होगी। इन फैक्टरियों में नकली तेल बनाने की पुष्टि आईआईटी रुड़की लैब ने कर दी है। इस रिपोर्ट के बाद प्रशासन द्वारा भेजे गए नमूने और गाजियाबाद लैब पर सवाल उठ गए हैं, क्योंकि गाजियाबाद लैब ने दोनों केमिकल फैक्टरियों से भेजे नमूने पास कर दिए थे। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद एसआईटी नामजद आरोपियों पर फिर से शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है।
आईजी रेंज आलोक सिंह ने आईपीएस एसपी देहात अविनाश पांडेय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम बनाई थी। जिसने परतापुर थानाक्षेत्र में 20 अगस्त 2019 को पारस केमिकल, गणपति पेट्रो केम पर छापा मारा था। जहां नकली पेट्रोल-डीजल बनाया जा रहा था। पुलिस ने फैक्टरी मालिक राजीव जैन, प्रदीप गुप्ता समेत 11 लोगों को जेल भेजा था। उसके बाद पुलिस ने तीन पेट्रोल पंपों पर सील लगाई थी, जहां से भी नमूने भरे गए। इसे पूरे मामले में जिला आपूर्ति विभाग की भूमिका सामने आई थी।
दोनों केमिकल फैक्टरियों और तीनों पेट्रोल पंपों के नमूने जिला आपूर्ति विभाग ने गाजियाबाद लैब में भेजे, जहां से वह ओके बताए गए। जिसके चलते आरोपियों को काफी राहत भी मिली। इसके बाद एसआईटी ने नमूने लिए और सात अक्टूबर को आईआईटी रुड़की भेजे। जहां से मंगलवार को जांच रिपोर्ट आ गई। यह रिपोर्ट गाजियाबाद लैब के बिल्कुल विपरीत आई है। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हो गई कि दोनों केमिकल फैक्टरियों में नकली पेट्रोल बनता था। रिपोर्ट में केमिकल में मिश्रण मिला है।
फिर कसा जाएगा शिकंजा
आईआईटी रुड़की लैब में मिलावटी तेल की पुष्टि होने पर एसआईटी नामजद आरोपियों पर फिर से शिकंजा कसेगी। सैंपल रिपोर्ट को लेकर पुलिस पहले एक्सपर्टों से बात करेंगी और फिर आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में धारा बढ़ाएगी। गाजियाबाद लैब का हवाला देकर आरोपियों ने राहत ली थी। अब पुलिस फिर से उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
पहले ओके और अब फेल
आईआईटी रुड़की लैब ने गाजियाबाद लैब की भी पोल खोल दी। एसआईटी का अंदेशा सही था कि सैंपल में गड़बड़ी हो सकती है। तीन अक्टूबर को जिला आपूर्ति विभाग द्वारा रिपोर्ट में ऑर्गेनिक हाईड्रो कार्बन, ऑर्गेनिक साल्वेंट बताया गया है। यह नमूना जांच में पास बताया गया। पुलिस ने उन्हीं नमूनों को फिर से भेजा, जिसमें वे फेल हो गए। केमिकल में मिश्रण बताया गया। जिससे साबित होता है कि मिलावटी तेल था।
2.20 लाख लीटर केमिकल होगा नष्ट
पारस और गणपति पेट्रो केम से छापेमारी के दौरान 2.20 लाख लीटर मिलावटी तेल बरामद हुआ था। जिसमें से नमूने भरे गए थे। पुलिस शुरूआत में तीन लैब से जांच कराने की बात कह रही थी। इसके पहले पुलिस कुछ करती कि जिला आपूर्ति विभाग ने नमूनों को गाजियाबाद लैब में भेज दिया। तीन लैब से जांच कराने के लिये पुलिस ने पत्राचार भी किया, लेकिन नमूने नहीं भेजे। बाद में पुलिस ने नमूने भेजे।
पेट्रोल पंपों पर भी उठे सवाल
पुलिस व जिला आपूर्ति ने भैसाली बस अड्डे के सामने अजंता पेट्रोल पंप, बेगमपुल स्थित पीपी मोटर्स पेट्रोल पंप और टीपीनगर में अजंता पेट्रोल पंपों से नमूने लिए थे। एसआईटी ने इन नमूनों को भी आईआईटी रुड़की लैब में भेजा था। पेट्रोल पंपों के सैंपल रिपोर्ट पर भी सवाल उठे है। बताया गया कि इनकी रिपोर्ट आई है। इस पर संदेह जताया गया है।
सभी बिंदुओं पर जांच
आईआईटी रुड़की लैब की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें मिलावटी तेल की पुष्टि हो गई है। एक्सपर्टों की राय भी ली जाएगी। एसआईटी सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल करने में जुट गई है। - अविनाश पांडेय, एसआईटी प्रभारी
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