दिग्विजय भाटी प्रकरण: कोर्ट में दायर की याचिका, निवर्तमान एसएसपी व पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने कोर्ट में याचिका दायर कर निवर्तमान एसएसपी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने 19 अगस्त की घटना में मारपीट और यातना के आरोप लगाए हैं।
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मेरठ में भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें निवर्तमान एसएसपी अविनाश पांडेय, सिविल लाइन थाने के तत्कालीन प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि 19 अगस्त को एसएसपी कार्यालय में दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव के साथ मारपीट की गई थी।
एसएसपी कार्यालय में मारपीट का आरोप
भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित कुमार 19 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि एसएसपी कार्यालय में दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ मारपीट की गई।
इसके बाद सिविल लाइन थाने के तत्कालीन प्रभारी अखिलेश गौड़ दोनों को पुलिस लाइन स्थित स्वॉट कार्यालय ले गए थे। दिग्विजय भाटी ने अखिलेश गौड़ पर भी यातना देने का आरोप लगाया है। घटना में उनकी आंख पर गंभीर चोट लगने का दावा किया गया था।
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जांच के लिए डीआईजी को सौंपी गई थी जिम्मेदारी
घटना के बाद मामले की जांच डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को सौंपी गई थी। प्रकरण में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया गया था।
जांच के दौरान सहारनपुर के डीआईजी मेरठ पहुंचे और दिग्विजय भाटी व उनके साथी के बयान दर्ज किए। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी पड़ताल की गई थी।
अब कोर्ट में याचिका दायर
दिग्विजय भाटी ने अब कोर्ट का रुख किया है। याचिका के माध्यम से उन्होंने निवर्तमान एसएसपी अविनाश पांडेय, तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। मामले में कोर्ट के समक्ष 19 अगस्त की घटना और उसके बाद हुई जांच से जुड़े तथ्यों को रखा गया है।