Meerut Crime Report: तीन माह में 1024 वाहनों की रफ्तार पर कटे चालान
हाईवे पर तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों पर संभागीय परिवहन विभाग की इंटरसेप्टर गाड़ी में लगे कैमरों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
विस्तार
हाईवे पर तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों पर संभागीय परिवहन विभाग की इंटरसेप्टर गाड़ी में लगे कैमरों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तीन माह में परतापुर से दौराला के बीच एनएच 58 पर इंटरसेप्टर गाड़ी ने ऐसे 1024 वाहनों के दो-दो हजार के चालान काटे हैं। वाहन स्वामी को चालान की जानकारी मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से दी जाती है। इसके अलावा एक हार्ड कॉपी वाहन स्वामी के घर पर भी पहुंचा दी जाती है।
हाईवे पर तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। एनएच 58 पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लगा रहता है। रैश ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए हाईवे पर कैमरों का पहरा है लेकिन वाहनों की तेज रफ्तार पर फिर भी अंकुश नहीं लगा है।
दिसंबर 2023 से संभागीय परिवहन विभाग ने भी परतापुर से दौराला के बीच एनएच 58 पर इंटरसेप्टर गाड़ी हाईवे पर उतार दी है, जिसमें आधुनिक कैमरे लगे हैं। ये तेज रफ्तार वाहनों की गति को दूर से ही कैप्चर कर लेते हैं और निर्धारित गति से ज्यादा रफ्तार होने पर तुरंत चालान काट देती है। यह गाड़ी बागपत जनपद से गुजर रहे हाईवे पर भी काम करती है।
इंटरसेप्टर गाड़ी से किए गए चालान
दिसंबर - 198
जनवरी - 456
फरवरी - 370
हाईवे हो या अन्य सड़कें, सभी पर ही वाहन चालकों को निर्धारित से अधिक गति से वाहन नहीं चलाना चाहिए। इंटरसेप्टर गाड़ी से कटे चालान की सूचना वाहन स्वामी को ऑनलाइन मोबाइल पर मेसेज के माध्यम से मिलती है। एक हार्ड कॉपी वाहनस्वामी के घर पर भी भेजी जाती है। - राजकुमार सिंह, आरटीओ प्रवर्तन।
दस साल से नहीं मिली हिस्ट्रीशीटर की जानकारी
कंकरखेड़ा थाने क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर पिछले 10 सालों से लापता चल रहा है। पुलिस ने दो दिन पूर्व बदमाश की दोबारा से हिस्ट्रीशीट खोली। पुलिस जांच के लिए हिस्ट्रीशीटर के घर पहुंची। जहां परिजनों ने पुलिस को हिस्ट्रीशीटर की मौत की जानकारी दी लेकिन मौत का पुख्ता सबूत नहीं दे पाए। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
सरधना रोड स्थित नंगलताशी निवासी मुक्की पुत्र खजान थाने का हिस्ट्रीशीटर है। लगभग 20 साल पूर्व एक मुकदमे में मुक्की हिस्ट्रीशीटर घोषित हुआ था। कुछ समय बाद आरोपी की हिस्ट्रीशीट बंद हो गई थी। मगर पुलिस ने कुछ दिन पहले आरोपी की बंद हिस्ट्रीशीट दोबारा से खोली और शुक्रवार को पुलिस आरोपी के घर पहुंची।
परिजनों ने बताया कि मुक्की की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर की मौत का प्रमाण मांगा, लेकिन परिजन आरोपी की मौत का कोई भी प्रमाण पुलिस को नहीं दिखा सके। थाना प्रभारी विष्णु कौशिक ने बताया कि आरोपी की हिस्ट्रीशीट दोबारा से खुल गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
पहले से शादीशुदा होते हुए अविवाहित होने का झांसा देकर शादी करने वाला पति अब पत्नी के साथ मारपीट करता है। पीड़िता ने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी से शिकायत की। नेहा वर्मा पुत्री अशोक वर्मा निवासी मास्टर काॅलोनी ब्रह्मपुरी ने बताया कि तीन साल पहले उसकी दोस्ती इंस्टग्राम पर विपिन वर्मा से हो गई थी। उसने खुद को अविवाहित बताकर शादी प्रस्ताव रखा। जनवरी 2022 में उसने विपिन से शादी कर ली। कुछ समय बाद पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। इसकी जानकारी मिलने पर जब विरोध किया तो वह माफी मांगने लगा। इस बीच उनके एक बेटा पैदा हुआ। पीड़िता का आरोप है कि अब विपिन का व्यवहार उसके प्रति बहुत खराब है और वह मारपीट भी करता है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मारपीट प्रकरण का 12 दिन बाद पटाक्षेप कर दिया। उन्होंने चारों आरोपियों को जेल भेजने के बजाय दस दिन तक लगातार अपने कार्यालय में हाजिरी देने के आदेश दिए थे। युवकों के आपस में समझौता करने और भविष्य में शांति के साथ रहने के वादे के बाद दोनों पक्षों को एक साल के लिए दो-दो लाख के मुचलके में पाबंद कर जमानत देकर छोड़ दिया।
यह था मामला
कोतवाली के तोपचीवाड़ा मोहल्ले में संपत्ति विवाद को लेकर इमरान, अकबर और दूसरे पक्ष से अय्यूब, जावेद के बीच मारपीट हो गई थी। चारों पर थाना पुलिस ने 151 की धारा में कार्रवाई करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में 12 दिन पहले पेश किया था। सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार श्रीवास्तव ने युवकों को जेल नहीं भेजा, बल्कि सुधरने का एक मौका देते दस दिन तक लगातार अपने कार्यालय में हाजिरी देने के आदेश दिए थे।
शुक्रवार को चारों युवकों ने आपस में समझौता करने और भविष्य में भी शांति व्यवस्था बनाना स्वीकार किया है। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने चारों युवकों को दो-दो जमानतियों पर जमानत दे दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को 2-2 लाख की धनराशि में मुचलके पाबंद किए। थाना पुलिस और तहसीलदार को आदेश दिए कि पाबंद संपत्ति की एक साल तक बिक्री न हो। शांति व्यवस्था खराब करने पर युवकों को जेल भेजने के साथ जमा धनराशि भी जब्त करने के आदेश दिए हैं।