Meerut: गड्ढों से मिलेगी मुक्ति, चार करोड़ की लागत से सड़कों के 42 हजार गड्ढे भरेगा निगम टेंडर जारी
मेरठ की जनता को सड़कों के गड्ढों से जल्द ही मुक्ति मिलेगी। चार करोड़ की लागत से नगर निगम शह की सड़कों के 42 हजार गड्ढे भरेगा। इसके लिए अभियान चलाकर 53 किमी सड़क के गड्ढों की गिनती कर ली गई है।
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सड़क के गड्ढों से जूझती शहर की जनता को जल्द ही राहत मिलेगी। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए निगम ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। अधिशासी अभियंताओं ने एक सप्ताह तक अभियान चलाकर शहर में 53 किमी. में 42 हजार गड्ढे चिह्नित किए। इसके बाद इन्हें भरने के लिए मंगलवार को निगम ने 3.77 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया। साथ ही ऑनलाइन टेंडर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
शहर में सड़क निर्माण, नाला निर्माण, स्ट्रीट लाइट सहित कई विकास कार्य करीब दो साल से ठप पड़े हैं। निगम की नई सरकार बनने के बाद शहरवासियों में विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जगी। तीन महीने से निगम कभी सड़क, कभी नाले तो कभी अन्य विकास कार्यो का बजट बनाता है, लेकिन कोई भी योजना परवान नहीं चढ़ पाती। शासन स्तर से नाराजगी भी जताई गई।
सामने आया कि नगर निगम के पास विकास कार्यो के लिए करीब 400 करोड़ रुपये है, जिसको वह खर्च नहीं कर पाया। इस पर पार्षदों ने घेराबंदी शुरू की तो निगम के अधिकारियों के नींद टूटी।
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निगम में 90 वार्ड हैं, जिनके पार्षदों ने निर्माण विभाग में टूटी सड़क व गड्ढे के शिकायत की है। जिस पर अधिशासी अभियंताओं ने मौके पर जाकर जांच की और गड्ढों की गिनती की। निगम ने 47 फाइल बनाई है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि सभी वार्डो की समीक्षा हुई है। जिन पार्षदों ने प्रार्थना पत्र दिया है, वहां निगम के टीम ने जाकर सड़कों का हाल देखा है। उसके आधार पर सड़क के गड्ढे का बजट बनाया गया है।
उठने लगे सवाल
घंटाघर से छतरी वाला पीर, दिल्ली रोड, भूमिया पुल से हापुड़ अड्डा सहित शहर में कई जगहों पर गड्ढों में सड़क है। उनकी गिनती निगम के अधिकारियों ने किया, इसको लेकर पार्षद सवाल उठा रहे है। नगर निगम के मुख्य अधिशासी अभियंता देवेंद्र कुमार का कहना है कि जिन सड़कों का हाल बहुत खराब है, वहां गड्ढे नहीं भरे जाएंगे। उन सड़कों पर जल्द निर्माण कराने के उच्चाधिकारियों के निर्देश हैं। 53 किमी सड़क में जो गड्ढे है, वहीं भरेंगे।
रोड एंबुलेंस ने भी दम तोड़ा
सड़क के गड्ढे भरने के लिए चली रोड एंबुलेंस ने भी दम तोड़ दिया। एक सप्ताह से रोड एंबुलेंस कहीं पर भी सड़क का गड्ढा भरने के लिए नहीं गई। निगम के अधिकारी बरसात होने का तर्क देकर पल्ला झाड़ते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि रोड एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियों ने साफ मना कर दिया कि इतने गड्ढे नहीं भरे जा सकते हैं। सामग्री भी पर्याप्त नहीं है।
दिल्ली रोड और हापुड़ रोड पीडब्ल्यूडी की
दिल्ली रोड, हापुड़ रोड सहित कई सड़कें निगम के अधीन नहीं हैं। ये सड़कें पीडब्ल्यूडी की है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी गड्ढे भरने के लिए पत्र लिखा है। कैंट इलाके की सड़कों में भी गड्ढे हैं। कैंटोमेंट अधिकारियों से भी बात हुई है। सड़क निर्माण की प्रक्रिया से पहले शहर की सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी। इसका प्रस्ताव पहले पास हो चुका है, अब समीक्षा के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। -डॉ. अमित पाल शर्मा, नगर आयुक्त