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Meerut News: मेरठ कॉलेज के विद्यार्थियों ने काली नदी के प्रदूषण पर किया अध्ययन
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- सैनी गांव के लोगों ने बताया, यहां बढ़ रहीं गंभीर बीमारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ कॉलेज के भूगोल विभाग ने काली नदी के बढ़ते प्रदूषण और उसके पर्यावरणीय प्रभावों का जायजा लेने के लिए सैनी गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में एक भौगोलिक अध्ययन भ्रमण का आयोजन किया। यह भ्रमण काली नदी के पर्यावरणीय प्रभाव के मूल्यांकन, स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और आजीविका पर प्रभाव विषय पर सर्वेक्षण का हिस्सा था। भ्रमण में विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता मालिक, समन्वयक प्रो. परमजीत सिंह, प्रो. नीरज तोमर, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. पूनम चौधरी सहित काफी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
विद्यार्थियों ने सैनी गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से आंखों में जलन, त्वचा रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। पिछले वर्ष प्रदूषित जल के कारण गांव में सात से 10 मौतें हुईं। स्थानीय निवासी इंद्रपाल ने कहा, काली नदी में अब जहर बह रहा है। सरकार नहर का पानी छोड़े और गांव में पानी की टंकी बनवाए, तभी उनकी समस्या दूर होगी।
मेरठ कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थी समाज की वास्तविक समस्याओं को समझ सकेंगे। प्रो. अनीता मालिक ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझावों को सर्वे में शामिल करेंगे। सर्वेक्षण के आधार पर यहां बेहतर जीवन के लिए प्रयास किया जाएगा। विभाग का मानना है कि ऐसे अध्ययनों से नीति-निर्माताओं का ध्यान आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर समाधान संभव होगा।
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मेरठ। मेरठ कॉलेज के भूगोल विभाग ने काली नदी के बढ़ते प्रदूषण और उसके पर्यावरणीय प्रभावों का जायजा लेने के लिए सैनी गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में एक भौगोलिक अध्ययन भ्रमण का आयोजन किया। यह भ्रमण काली नदी के पर्यावरणीय प्रभाव के मूल्यांकन, स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और आजीविका पर प्रभाव विषय पर सर्वेक्षण का हिस्सा था। भ्रमण में विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता मालिक, समन्वयक प्रो. परमजीत सिंह, प्रो. नीरज तोमर, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. पूनम चौधरी सहित काफी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
विद्यार्थियों ने सैनी गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से आंखों में जलन, त्वचा रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। पिछले वर्ष प्रदूषित जल के कारण गांव में सात से 10 मौतें हुईं। स्थानीय निवासी इंद्रपाल ने कहा, काली नदी में अब जहर बह रहा है। सरकार नहर का पानी छोड़े और गांव में पानी की टंकी बनवाए, तभी उनकी समस्या दूर होगी।
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मेरठ कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थी समाज की वास्तविक समस्याओं को समझ सकेंगे। प्रो. अनीता मालिक ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझावों को सर्वे में शामिल करेंगे। सर्वेक्षण के आधार पर यहां बेहतर जीवन के लिए प्रयास किया जाएगा। विभाग का मानना है कि ऐसे अध्ययनों से नीति-निर्माताओं का ध्यान आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर समाधान संभव होगा।
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