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Meerut: सिटी रेलवे स्टेशन के पास बने बस अड्डा, विधायक और अफसरों ने यहां देखी जमीन, लिंक रोड पर कही ये बात
Tue, 02 Sep 2025 09:53 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 02 Sep 2025 09:53 PM IST
सार
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कमिश्नर और प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी शहरों में रेलवे स्टेशन के पास ही बस अड्डा है, तो मेरठ में ऐसा क्यों नहीं हो सकता।
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सिटी स्टेशन के पास सेना की जमीन पर जाकर निरीक्षण करते विधायक और कमिश्नर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे रोड से बागपत रोड को जोड़ने वाली लिंक रोड के अधूरे पड़े कार्य का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए मंगलवार को कैंट विधायक, कमिश्नर, जिला प्रशासनिक अधिकारियों का अमला मौके पर पहुंचा। कमिश्नर ने पूरे मार्ग को देखा और शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण किए जाने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। इसके साथ-साथ उन्होंने सिटी रेलवे स्टेशन के पास खाली पड़ी भूमि पर भविष्य में भैसाली रोडवेज अड्डे के संचालन के लिए देखा। यह भूमि सेना से लीज पर लिए जाने पर विचार किया गया।
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बागपत रोड से सिटी रेलवे स्टेशन और रेलवे रोड से जुड़ी कॉलोनियों में जाने के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च करके लिंक रोड का निर्माण शुरू किया गया, जो पिछले छह माह से एक भवन की जमीन अधिग्रहण नहीं होने के कारण अधूरा पड़ा है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी इसका जनता को कोई लाभ नहीं मिल पाया है।
इसको लेकर लिंक रोड के लिए स्थानीय लोगों ने समिति बनाकर आंदोलन भी किया। जिसके बाद प्रशासन ने लिंक रोड का प्रस्ताव बनाया था। उस प्रस्ताव और नक्शे को कई बार बदला जा चुका है। लिंक रोड में एक अस्पताल की भूमि आ रही है, जिसका प्रशासन अभी तक अधिग्रहण नहीं कर पाया है।
इसको लेकर लिंक रोड के लिए स्थानीय लोगों ने समिति बनाकर आंदोलन भी किया। जिसके बाद प्रशासन ने लिंक रोड का प्रस्ताव बनाया था। उस प्रस्ताव और नक्शे को कई बार बदला जा चुका है। लिंक रोड में एक अस्पताल की भूमि आ रही है, जिसका प्रशासन अभी तक अधिग्रहण नहीं कर पाया है।
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कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कमिश्नर से कहा कि जब प्रारंभिक कार्यवाही में अस्पताल की भूमि या फिर पास में खाली पड़े प्लॉट से लिंक रोड निकालने का निर्णय लिया गया था, तो उसी समय भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना क्यों जारी नहीं की गई। यही कारण है कि लिंक रोड का काम अधूरा पड़ा है। सरकारी खजाने से 40 करोड़ खर्च हो चुके हैं। कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद ने कहा कि शीघ्र भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करके लिंक रोड का अधूरा काम पूरा कराया जाएगा।
हर शहर में रेलवे स्टेशन के पास बस अड्डे तो मेरठ में क्यों नहीं
भैसाली रोडवेज बस अड्डे को मोदीपुरम सिवाया और मोहिउद्दीनपुर में स्थानांतरित करने के प्लान पर कैंट विधायक ने सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने सिटी रेलवे स्टेशन के पास ही भैसाली रोडवेज बस अड्डा संचालन किए जाने का प्रस्ताव रखा। कमिश्नर और रोडवेज आरएम को साथ लेकर विधायक रेलवे स्टेशन के पास सेना की जमीन देखने पहुंचे।
भैसाली रोडवेज बस अड्डे को मोदीपुरम सिवाया और मोहिउद्दीनपुर में स्थानांतरित करने के प्लान पर कैंट विधायक ने सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने सिटी रेलवे स्टेशन के पास ही भैसाली रोडवेज बस अड्डा संचालन किए जाने का प्रस्ताव रखा। कमिश्नर और रोडवेज आरएम को साथ लेकर विधायक रेलवे स्टेशन के पास सेना की जमीन देखने पहुंचे।
कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद से कहा कि पूर्व में जो भैसाली रोडवेज की बसों के संचालन के लिए एनएच 58 पर सिवाया और मोहिउद्दीनपुर में बस अड्डा प्रस्ताव किया गया है। उन दोनों बस अड्डों की दूरी लगभग 20 किमी रहेगी। जिससे शहर की जनता को इन बसों तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए रोडवेज बस अड्डा सिटी रेलवे स्टेशन के पास बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन के पास सेना की बड़ी जमीनें खाली पड़ी हैं। जिनको रक्षा मंत्रालय से लीज पर लेकर भैसाली बस अड्डा चलाया जा सकता है। वैसे भी लगभग सभी शहरों में रेलवे स्टेशनों के पास ही बस अड्डे हैं, मेरठ में क्यों नहीं हो सकता है। मेरठ सिटी स्टेशन के पास भैसाली बस अड्डा संचालित होने से जहां शहर की सड़कों को जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं जनता को आसानी से मेट्रो भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि भूमि लीज पर लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उनके साथ रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक आदि मौजूद रहे।