फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut Blue Drum Murder: Muskan, Sonam and Others Who Killed Their Partners in Shocking Cases

नीले ड्रम कांड में फांसी की सजा: समाज के दामन पर लगे ऐसे दाग धोए जाने जरूरी, मुस्कान ही नहीं, ये भी बनी कातिल

Thu, 15 Oct 2026 08:49 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 15 Oct 2026 08:49 AM IST
सार

मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मेरठ निवासी सौरभ राजपूत की 3 मार्च 2025 की रात को पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने हत्या कर दी थी।

विज्ञापन
Meerut Blue Drum Murder: Muskan, Sonam and Others Who Killed Their Partners in Shocking Cases
Meerut Murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

18 मार्च 2025 की न्यूज रूम की एक सामान्य शाम थी। इसी बीच मेरठ के इंद्रानगर क्षेत्र से एक हत्या की खबर आई। पहले लगा कि संबंधों में हत्या का एक और कारनामा है। शाम जैसे-जैसे रात की ओर बढ़ती गई तो हत्याकांड की परतें खुलती गईं। कैसे चाकू, नशे की दवाई और रस्सी से लेकर एक-एक चीज पूरे मंसूबे के तहत जुटाई गई। उसके बाद सौरभ को बेहोश करके मारा गया। शरीर के हिस्से काटे गए और घर की छत पर एक नीले ड्रम में छिपा दिए गए। इतना ही नहीं लाश के टुकड़ों को सीमेंट से चिन दिया गया।
विज्ञापन


दरअसल 24 फरवरी को सौरभ लंदन से लौटा था। वह वहां एक मॉल में काम करता था। इसके बाद 25 को पत्नी मुस्कान और 28 को बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया। इसी बीच सौरभका मुस्कान के साथ डांस करने का वीडियो सामने आया। तब लगा भी नहीं होगा कि समाज के बंधनों को तोड़कर प्रेम विवाह करने वाली मुस्कान किसी और के प्रेम में पड़कर सौरभ की हत्या कर देगी। 
विज्ञापन


 
Trending Videos

तीन और चार मार्च की दरम्यानी रात को हत्या करने के बाद मुस्कान और साहिल शिमला घूमने चले गए। जब खुलासा हुआ तो नीला ड्रम धोखे और अवैध संबंधों में हत्या का पर्याय बन गया। इसी बीच संबंधों में हत्या के कुछ और मामले भी सामने आते चले गए। 

 
विज्ञापन

इंदौर के रहने वाले राजा और सोनम रघुवंशी शादी के बाद मेघालय हनीमून मनाने गए थे। वहां राजा का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। आरोप सोनम पर लगा। पुणे के केतन अग्रवाल की शादी से पहले ही मंगेतर ने हत्या करवा दी तो मेरठ में दो मामलों में सर्पदंश दिखाकर पतियों की हत्या कर दी गई। 
 
विज्ञापन

सवाल यह उठने लगा कि क्या लोगों में शादी जैसी व्यवस्था के प्रति विश्वास नहीं रह गया है? जिस समाज ने प्रेम विवाह, अंतरजातीय या अंतरधार्मिक विवाह को भी स्वीकार कर लिया है, वह अब तलाक या अलग होने जैसे फैसलों को भी मान्यता दे ही रहा है। 

ऐसे में बेहतर होता कि जान लेने की जगह अलग अलग राह चुन ली जाती। सभी को पार्टनर चुनने और अलग होने का हक है और किसी के साथ अपनी मर्जी से रहने की आजादी भी, लेकिन जान लेने की कतई भी नहीं। न तो शादी से पहले और न ही शादी के बाद।

प्रेम के नाम पर हत्या करने की यह प्रवृत्ति सभ्य समाज का परिचायक नहीं हो सकती। जिस मेरठ में आजादी की पहली लड़ाई लड़ी गई उसका कोई बाशिंदा नहीं चाहेगा कि यहां का नाम आते ही लोग नीले ड्रम का जिक्र करें। 

इसीलिए पहले ही दिन से शहर के लोगों ने कड़ी सजा की मांग की। यहां तक कि मुस्कान के माता-पिता ने भी बेटी से नाता तोड़ लिया। बेटी की बेटी को वही पाल रहे हैं, लेकिन कहा कि हत्यारी बेटी ने रिश्ते को कलंकित किया है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए इस तरह के खौफनाक हत्याकांड इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हमारे सामाजिक ताने-बाने में बहुत कुछ गहरा और खतरनाक तरीके से टूट रहा है। इसलिए समाज के दामन पर लगे ऐसे दाग धोने के लिए कोर्ट के कड़े फैसले जरूरी हो जाते हैं।
 

कातिल मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा
मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपने फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि प्रजा जब सोती है तब भी कानून जागता है। साहिल और मुस्कान तुमने सौरभ की हत्या की और उसके शव के टुकड़े करके उन्हें छुपा दिया। तुम्हें मृत्युदंड से दंडित किया जाता है। जिला जज के सजा सुनाते ही खचाखच भरे न्यायालय में भारत माता के जयकारे गूंजने लगे।

 

जिला जज ने 30 सितंबर 2026 को 22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था।

 

बुधवार की सुबह सजा के बिंदु पर जिला अदालत में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकील के बीच बहस हुई। बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों दोषियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। जेल में भी दोनों का आचरण अच्छा रहा है। इसलिए उन पर रहम किया जाए। बचाव पक्ष ने कोई चश्मदीद गवाह नहीं होने का भी हवाला दिया। 

 

वहीं, मुस्कान और साहिल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। मुस्कान ने अपनी दोनों छोटी बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए अदालत से रहम की अपील की। कहा कि मेरी दो छोटी-छोटी बेटियां हैं, फैसला देते समय इनके भविष्य का ध्यान रखा जाए।

 

जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि वारदात किसी उकसावे में आकर अचानक नहीं बल्कि अत्यंत शातिर तरीके से सोच-समझकर साजिश रचकर की गई है। मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या करने के बाद दोनों हाथों की कलाइयां काट दीं और सिर धड़ से काटकर अलग कर दिए। 

 

साक्ष्य छिपाने के लिए उसे ड्रम में भरकर सीमेंट से चिन दिया। यह अत्यंत क्रूर और बर्बर श्रेणी का अपराध है। इस वारदात से पूरे प्रदेश और देश में समाज के भीतर गहरा भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल पैदा हुआ। पति-पत्नी जैसे पवित्र व विश्वासपूर्ण रिश्ता व पारिवारिक मूल्य तथा सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह हिल गए। 

 

नीला ड्रम समाज में खौफ का प्रतीक बन गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने
के बाद जिला जज ने कहा कि दोनों दोषियों को उनकी बैरक में भेज दिया जाए। शाम लगभग 4:15 बजे जिला जज ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed