खास रिपोर्ट: आयुष्मान योजना में ये कैसा 'खेल', मरीजों को नहीं मिल रहीं दवाइयां
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आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री आरोग्य योजना मेरठ मेडिकल कॉलेज में परवान नहीं चढ़ पा रही है। तीमारदार कई बार बाहर से दवाइयां ला रहे हैं। मेडिकल स्टोर वालों ने ऐसे एक तीमारदार को यह कहकर भगा दिया कि उनके पास दवाइयां नहीं हैं। उन्हें कौन सा वह पैसा दे रहा है। दवाइयां अब दे रहे हैं, पैसा पता नहीं कब तक आएगा।
स्याना, बुलंदशहर निवासी पुरुषोत्तम ने उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा से शिकायत में बताया कि अस्पताल में भर्ती उनकी मां शारदा देवी (54) को दवाइयां नहीं मिल रही हैं। कई बार बाहर से भी दवाइयां लाए। हालांकि दवा का पर्चा आयुष्मान के तहत मरीज की फाइल में लगाया जाता है। डॉ. दिनेश राणा ने मेडिकल स्टोर संचालक से बात की। इसके बावजूद दवाइयां देने में आनाकानी की गई। डॉ. दिनेश राणा ने इस संबंध में प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता से शिकायत की है। बाद में मरीज को दवाइयां और अन्य सामान उपलब्ध कराया गया।
पांच मरीज हैं भर्ती
आयुष्मान भारत के तहत मेडिकल कॉलेज में अभी तक पांच मरीज शारदा, शनि, राधा देवी, रेशमा और विशाल ही भर्ती हैं। इनके इलाज में भी परेशानी आ रही है। वहीं, प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। पास होने पर कमेटी की तरफ से मेडिकल स्टोर संचालकों को पत्र जारी किया जाएगा। शासन को भी अवगत कराया जाएगा।
यह है दिक्कत
मेडिकल कॉलेज में सरकारी दवाइयां आयुष्मान के तहत भर्ती मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं पड़ रहीं। खासकर सर्जरी में। लिहाजा प्राचार्य ने मेडिकल अस्पताल में सरकारी अनुमति से खुले पीताम्बरा मेडिकल स्टोर को यह जिम्मेदारी दी थी। वह दवाइयां देते हैं, जिनका भुगतान बाद में होता है।
प्राचार्य ने बताया कि पीताम्बरा के पास इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं है, लिहाजा उन्हें दवाइयां देने में परेशानी है। फिलहाल मरीजों को दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं।
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