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Meerut: 11 करोड़ के फर्जी स्टांप घोटाले का आरोपी गिरफ्तार, जो दरोगा थाने में नहीं, जमानत में उनकी लगाई रिपोर्ट

Wed, 03 Dec 2025 09:11 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Wed, 03 Dec 2025 09:11 PM IST
सार

स्टांप विक्रेता अक्षय गुप्ता ने जेल से बाहर आने के लिए पुलिस की जाली रिपोर्ट तैयार कराई थी। उनके जमानती भी फर्जी थे। 2024 में 11 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी स्टांप घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। 

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Meerut: Accused of fake stamp scam of Rs 11 crore arrested, who is not in Inspector police station
पुलिस की गिरफ्त में अक्षय गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चर्चित स्टांप घोटाले में फर्जी जमानतदार पेश कर जेल से रिहा होने वाले अक्षय गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रिहाई के लिए उसने फर्जी जमानतदारों को खड़ा करने के साथ ही पुलिस की फर्जी रिपोर्ट भी तैयार कराई थी। जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने बुधवार को इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ जमानत हासिल करने के लिए कूटरचित दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज किया।
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पुलिस ने पकड़े गए अक्षय गुप्ता को कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस लाइन में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने स्टांप घोटाले में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमानत हासिल करने के इस मामले की जानकारी दी। 
 
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एसपी सिटी ने बताया कि वर्ष 2024 में 11 करोड़ रुपये से अधिक के 1577 फर्जी स्टांप लगाकर 997 बैनामे किए जाने का खुलासा हुआ था। इसकी सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी विशाल वर्मा के अलावा स्टांप विक्रेता अक्षय गुप्ता को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। 
 
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बीते 25 नवंबर को दोनों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि अक्षय के जमानत के दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि रिहाई के लिए आरोपियों ने कोर्ट में फर्जी जमानतदार पेश किए थे और लालकुर्ती तथा टीपीनगर थाने के जिन दरोगाओं की ओर से रिपोर्ट लगाई गई थी, उन नामों के दरोगा थानों पर तैनात ही नहीं थे। 
 

जांच के बाद सिविल लाइन थाने में उप निरीक्षक अंकित कुमार की ओर से अक्षय गुप्ता निवासी लक्ष्मीनगर सूरजकुंड के अलावा दीपक, सोनू निवासी मुल्ताननगर, अजय, रोशन, पंकज, भारत निवासीगण कसैरुखेडा लालकुर्ती और नबी हसन जैदी एडवोकेट के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई। बुधवार को ही सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में आरोपी स्टांप विक्रेता अक्षय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
 
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