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मेडिकल छात्रा और पीएसीकर्मी को स्वाइन फ्लू
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मेडिकल की छात्रा और पीएसी कर्मी को स्वाइन फ्लू
मेरठ। स्वाइन फ्लू का हमला लगातार जारी है। बुधवार को दो और मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें एक 23 वर्षीय पीएसी जवान है और दूसरी 26 साल की मेडिकल की छात्रा है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इस साल मेरठ में अब तक 47 लोगों को स्वाइन फ्लू हो चुका है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीज और छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए इन्हें अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। स्वाइन फ्लू के मरीज की अगर उंगलियां नीली पड़ जाएं और ब्लड प्रेशर कम होने लगे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। सात दिन से जुकाम और बुखार है तो जांच कराएं। उन्होंने बताया कि बाहर रहने पर बीमार लोगों से हाथ मिलाने से बचें, दूर से नमस्ते करें तो बेहतर है। स्वाइन फ्लू का वायरस हर साल अपना स्ट्रेन बदल लेता है। यही वजह है कि स्वाइन फ्लू की वैक्सीन भी एक साल के लिए ही बनती है।
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मेरठ। स्वाइन फ्लू का हमला लगातार जारी है। बुधवार को दो और मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें एक 23 वर्षीय पीएसी जवान है और दूसरी 26 साल की मेडिकल की छात्रा है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इस साल मेरठ में अब तक 47 लोगों को स्वाइन फ्लू हो चुका है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीज और छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए इन्हें अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। स्वाइन फ्लू के मरीज की अगर उंगलियां नीली पड़ जाएं और ब्लड प्रेशर कम होने लगे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। सात दिन से जुकाम और बुखार है तो जांच कराएं। उन्होंने बताया कि बाहर रहने पर बीमार लोगों से हाथ मिलाने से बचें, दूर से नमस्ते करें तो बेहतर है। स्वाइन फ्लू का वायरस हर साल अपना स्ट्रेन बदल लेता है। यही वजह है कि स्वाइन फ्लू की वैक्सीन भी एक साल के लिए ही बनती है।
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