{"_id":"60fb2a5b8ebc3e57f9143898","slug":"medical-death-of-patient-allegation-of-negligence-in-treatment-meerut-news-mrt548737153","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल में मरीज की मौत,इलाज में लापरवाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल में मरीज की मौत,इलाज में लापरवाही का आरोप
विज्ञापन
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर रोष जताया। वहीं, इस मामले में शोषित क्रांति दल का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह से मिला और ज्ञापन सौंपा। मंडलायुक्त ने जांच का आश्वासन दिया है।
रविकांत ने बताया कि गाजियाबाद निवासी अरुण राणा ने अपने भाई अनुज को ब्रेन हेम्रेज होने के बाद मेडिकल में भर्ती कराया था। उसे समुचित इलाज न मिलने पर अरुण राणा परिवार सहित मेडिकल परिसर में ही 19 जुलाई को धरने पर बैठ गया था। आरोप है कि 20 जुलाई को इंजेक्शन लगने के आधा घंटा बाद उसके मरीज भाई की मौत हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई गई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर 70 हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया गया। ज्ञापन देने वालों में वरुण जाटव, एडवोकेट शुभम सिंधी, अनिकेत सागर, एडवोकेट सौरभ, सागर कुमार आदि रहे।
वहीं, इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। मरीज को बेहतर इलाज दिया जा रहा था। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविकांत ने बताया कि गाजियाबाद निवासी अरुण राणा ने अपने भाई अनुज को ब्रेन हेम्रेज होने के बाद मेडिकल में भर्ती कराया था। उसे समुचित इलाज न मिलने पर अरुण राणा परिवार सहित मेडिकल परिसर में ही 19 जुलाई को धरने पर बैठ गया था। आरोप है कि 20 जुलाई को इंजेक्शन लगने के आधा घंटा बाद उसके मरीज भाई की मौत हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई गई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर 70 हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया गया। ज्ञापन देने वालों में वरुण जाटव, एडवोकेट शुभम सिंधी, अनिकेत सागर, एडवोकेट सौरभ, सागर कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
वहीं, इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। मरीज को बेहतर इलाज दिया जा रहा था। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हुई है।
विज्ञापन