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Meerut News: कॉलोनी पर चला मेडा का बुलडोजर, बिल्डर और टीम के बीच नोकझोंक
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दौराला - शिवेंद्र पंवार। संयुक्त मंत्री बनने वाली खबर के साथ। स्रोत : स्वयं
- फोटो : संवाद
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दौराला। मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम ने रविवार को लावड़ रोड पर समौली गांव के पास बनाई जा रही कॉलोनी सारथी कुंज पर बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बिल्डर ने टीम का विरोध किया और नोकझोंक हुई, लेकिन विरोध के बीच टीम ने कॉलोनी की दीवारों को तोड़ दिया।
प्राधिकरण के अवर अभियंता राकेश राणा, महादेव शरण, जितेंद्र सिंह और सुपरवाइजर सरताज सिंह टीम के साथ कॉलोनी पहुंचे। टीम ने चहारदीवारी, गेट, गेट पर बने कमरे को तोड़ दिया। कॉलोनी के बीच बने नलकूप के कमरे को भी ध्वस्त कर दिया गया। सूचना पर पहुंचें बिल्डर बबल चौधरी व नरेश चौधरी ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने बिना नोटिस दिए कार्रवाई पर आपत्ति जताई और कोर्ट जाने की चेतावनी दी। टीम और बिल्डर के बीच नोकझोंक हुई। टीम ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर लौट गई।
बिल्डर का आरोप है कि बिना कोई नोटिस दिए कार्रवाई की गई, साथ ही मलबा किसानों के खेत में डाल दिया गया। अवर अभियंता राकेश राणा ने बताया कि बिल्डर द्वारा बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था।
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फ्लैट देने के नाम पर हुई थी लोगों से ठगी
2102 में यह कॉलोनी समाजवादी आवासीय योजना के तहत बनाई जा रही थी, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे और उनकी किस्त भी जमा कर रहे थे। परंतु, बिल्डर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर उनके पैसे लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में दौराला थाने में काफी संख्या में लोगों ने मुकदमे भी दर्ज कराए थे, जिसमें बिल्डरों को जेल जाना पड़ा। वर्तमान में बिल्डर जमानत पर बाहर हैं। जांच में यह भूमि कृषि की निकली थी। वर्तमान में कॉलोनी बनाए जाने पर उक्त लोगों ने अधिकारियों से भी शिकायत की, जिन्होंने यहां फ्लैट लेने के लिए किस्त जमा की थी। परंतु, अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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प्राधिकरण के अवर अभियंता राकेश राणा, महादेव शरण, जितेंद्र सिंह और सुपरवाइजर सरताज सिंह टीम के साथ कॉलोनी पहुंचे। टीम ने चहारदीवारी, गेट, गेट पर बने कमरे को तोड़ दिया। कॉलोनी के बीच बने नलकूप के कमरे को भी ध्वस्त कर दिया गया। सूचना पर पहुंचें बिल्डर बबल चौधरी व नरेश चौधरी ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने बिना नोटिस दिए कार्रवाई पर आपत्ति जताई और कोर्ट जाने की चेतावनी दी। टीम और बिल्डर के बीच नोकझोंक हुई। टीम ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर लौट गई।
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बिल्डर का आरोप है कि बिना कोई नोटिस दिए कार्रवाई की गई, साथ ही मलबा किसानों के खेत में डाल दिया गया। अवर अभियंता राकेश राणा ने बताया कि बिल्डर द्वारा बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था।
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फ्लैट देने के नाम पर हुई थी लोगों से ठगी
2102 में यह कॉलोनी समाजवादी आवासीय योजना के तहत बनाई जा रही थी, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे और उनकी किस्त भी जमा कर रहे थे। परंतु, बिल्डर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर उनके पैसे लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में दौराला थाने में काफी संख्या में लोगों ने मुकदमे भी दर्ज कराए थे, जिसमें बिल्डरों को जेल जाना पड़ा। वर्तमान में बिल्डर जमानत पर बाहर हैं। जांच में यह भूमि कृषि की निकली थी। वर्तमान में कॉलोनी बनाए जाने पर उक्त लोगों ने अधिकारियों से भी शिकायत की, जिन्होंने यहां फ्लैट लेने के लिए किस्त जमा की थी। परंतु, अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।