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एमडीए को 19 लाख का नुकसान, लिपिक निलंबित
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एमडीए को 19 लाख का नुकसान, मेट निलंबित
मेरठ। किसानों से संबंधित मुआवजा प्रकरण में एमडीए को 19 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। मामले में एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को मेट सुनील कुमार को निलंबित कर दिया। लिपिक रामनरेश शर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही जांच कमेटी का गठन किया। इसमें वित्त नियंत्रक और मुख्य अभियंता शामिल हैं।
वर्ष 2015 के इस मामले में 35 किसानों को मुआवजा दिया जाना था। सुप्रीम कोर्ट में मामला चलने के बाद भी इस पत्रावली में देरी होने से एमडीए को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। दूसरी ओर 20 वर्ष से एक पटल पर जमे कर्मचारियों के विभाग में भी फेरबदल कर दिया गया है। हरि सिंह को अर्जन और वेदराम को संपत्ति बल्क का प्रभारी बना दिया गया है। एमडीए उपाध्यक्ष ने कोर्ट के मामले समय से निस्तारित करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए हैं। कई विभागों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी विभाग में कोई भी फाइल बिना कारण लंबित रखी जाएगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पांच-पांच सालों से एक पटल पर
एमडीए में पांच-पांच वर्षों से एक पटल पर कर्मचारी जमे हैं। एमडीए के नक्शा, संपत्ति आदि प्रमुख विभागों में शासनादेश के विपरीत कर्मचारी तैनात हैं। जबकि शासनादेश में एक पटल पर तीन वर्ष का आदेश हैं। शासनादेश को आधार मानते हुए ऐसे कर्मचारियों का भी पटल परिवर्तन किया जा सकता है।
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मेरठ। किसानों से संबंधित मुआवजा प्रकरण में एमडीए को 19 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। मामले में एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को मेट सुनील कुमार को निलंबित कर दिया। लिपिक रामनरेश शर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही जांच कमेटी का गठन किया। इसमें वित्त नियंत्रक और मुख्य अभियंता शामिल हैं।
वर्ष 2015 के इस मामले में 35 किसानों को मुआवजा दिया जाना था। सुप्रीम कोर्ट में मामला चलने के बाद भी इस पत्रावली में देरी होने से एमडीए को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। दूसरी ओर 20 वर्ष से एक पटल पर जमे कर्मचारियों के विभाग में भी फेरबदल कर दिया गया है। हरि सिंह को अर्जन और वेदराम को संपत्ति बल्क का प्रभारी बना दिया गया है। एमडीए उपाध्यक्ष ने कोर्ट के मामले समय से निस्तारित करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए हैं। कई विभागों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी विभाग में कोई भी फाइल बिना कारण लंबित रखी जाएगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पांच-पांच सालों से एक पटल पर
एमडीए में पांच-पांच वर्षों से एक पटल पर कर्मचारी जमे हैं। एमडीए के नक्शा, संपत्ति आदि प्रमुख विभागों में शासनादेश के विपरीत कर्मचारी तैनात हैं। जबकि शासनादेश में एक पटल पर तीन वर्ष का आदेश हैं। शासनादेश को आधार मानते हुए ऐसे कर्मचारियों का भी पटल परिवर्तन किया जा सकता है।
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