मीट फैक्टरियों के खिलाफ एमडीए का अभियान जारी, रेंडरिंग प्लांट पर होगी कार्रवाई
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मीट फैक्टरियों के खिलाफ एमडीए का अभियान जारी है। अलीपुर स्थित रेंडरिंग प्लांट फिट पैक के खिलाफ कार्रवाई करने केलिए एमडीए अधिकारियों ने थानाध्यक्ष खरखौदा को पत्र लिखा है। किस दिन कार्रवाई की जाएगी यह तारीख भी इसी सप्ताह तय करने की बात कही जा रही है।
मेरठ से मीट एक्सपोर्ट का बड़ा कारोबार है। लेकिन इन दिनों इस पर प्रशासन की सख्त नजर है। यहां काफी मीट फैक्टरियां, रेंडरिंग प्लांट ऐसे हैं जो अवैध रूप से चल रहे हैं। किसी के पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की तो किसी के पास पशुपालन विभाग की एनओसी नहीं है। निगम, फायर विभाग आदि की कोई एनओसी भी कई फैक्टरी संचालकों के पास नहीं है।
अधिकतर के पास एपीडा का लाइसेंस नहीं है। सबसे अहम है ज्यादातर फैक्टरियों की बिल्डिंग अवैध हैं। एमडीए से इनका मानचित्र ही स्वीकृत नहीं कराया गया है। म्यांमार तक के एक कारोबारी ने अलीपुर क्षेत्र में बड़ी फैक्ट्री लगा ली और इसका मानचित्र एमडीए से स्वीकृत नहीं कराया।
डीएम अनिल ढींगरा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, एमडीए, फायर विभाग आदि से सभी की जांच कराई है। साथ ही एमडीए स्तर से भी जांच हो रही है। कई फैक्टरी संचालकों ने मानचित्र स्वीकृत कराने की बात कहकर फर्म बंद कर ली।
अभी चल रहा है प्लांट
एमडीए के तहसीलदार एवं जोन डी प्रभारी मनोज सिंह के मुताबिक स्थलीय निरीक्षण में सामने आया है कि अलीपुर स्थित फिट पैक फैक्टरी में मुर्गी दाने का उत्पादन करते हुए फैक्टरी को संचालित किया जा रहा है। जबकि इस फैक्टरी का एमडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं है।
ऐसे में थानाध्यक्ष खरखौदा को पत्र लिखकर इसका संचालन बंद कराने और इसे सील करने की भी तैयारी है। इस फैक्टरी के संचालक ने पिछले दिनों एक वीडियो वायरल किया था जिसमें स्थानीय वेटनरी ऑफिसर पर फैक्टरी चलाने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया था। वहीं मामले में जोनल अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि हमने थानाध्यक्ष खरखौदा को पत्र लिखकर इस फैक्टरी का संचालन बंद करने को कहा है।