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एमडीए की संपत्तियों का ऑनलाइन जमा होगा मेंटेनेंस शुल्क
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एमडीए की संपत्तियों का ऑनलाइन जमा होगा मेंटेनेंस शुल्क
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण ने हजारों आवंटियों को राहत देने का प्लान तैयार कर लिया है। प्लान को अमलीजामा पहनाने की तैयारी कर ली गई है। इस माह घर बैठे ऑनलाइन मेंटेनेंस शुल्क सॉफ्टवेयर को लांच किया जा सकता है। एमडीए कर्मचारियों ने घर-घर जाकर 15 हजार संपत्तियों का डाटा जुटाया है। इस डाटा की फीडिंग की जा रही है। सितंबर में कर्मचारियों ने डाटा जुटाने का काम शुरू किया था। पहले चरण में रक्षापुरम, गंगानगर, पल्लवपुरम और श्रद्धापुरी को शामिल किया गया।
मेरठ विकास प्राधिकरण आवासीय योजनाओं में मकान के क्षेत्रफल के आधार पर वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क वसूलता है। हाल ही में कई स्थानों पर आवंटियों द्वारा पैसा जमा करने के बाद भी एमडीए ने उसे बकाया दिखाया। उस बकाए पर 18 प्रतिशत ब्याज भी लगा दिया। एमडीए में रोजाना सैकड़ों ऐसी शिकायतें आ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। डाटा कलेक्शन में आवंटी के घर से मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ली गई। हालांकि, आवंटियों ने डाटा देने में आनाकानी भी की।
वेबसाइट पर बनेगा लिंक और न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन
ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के लिए वेबसाइट पर लिंक और न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन आइकन तैयार किया जाएगा। उस पर क्लिक करने के बाद आवंटी अपने लॉग इन आईडी और पासवर्ड डालने के बाद अपना मेंटेनेंस शुल्क जमा कर सकेगा। इसके अलावा जिन आवंटियों ने अपना ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है वह भी वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। वहीं, आवंटी के यूजर लॉग इन पर वित्तीय वर्ष की किश्त का ब्यौरा भी नजर आएगा।
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हमारी 45 हजार संपत्तियां थी। हमने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर डाटा जुटाया है। वेबसाइट अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है। जल्द ही इस सॉफ्टवेयर को लांच किया जाएगा
- राजेश कुमार पांडेय, एमडीए उपाध्यक्ष
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मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण ने हजारों आवंटियों को राहत देने का प्लान तैयार कर लिया है। प्लान को अमलीजामा पहनाने की तैयारी कर ली गई है। इस माह घर बैठे ऑनलाइन मेंटेनेंस शुल्क सॉफ्टवेयर को लांच किया जा सकता है। एमडीए कर्मचारियों ने घर-घर जाकर 15 हजार संपत्तियों का डाटा जुटाया है। इस डाटा की फीडिंग की जा रही है। सितंबर में कर्मचारियों ने डाटा जुटाने का काम शुरू किया था। पहले चरण में रक्षापुरम, गंगानगर, पल्लवपुरम और श्रद्धापुरी को शामिल किया गया।
मेरठ विकास प्राधिकरण आवासीय योजनाओं में मकान के क्षेत्रफल के आधार पर वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क वसूलता है। हाल ही में कई स्थानों पर आवंटियों द्वारा पैसा जमा करने के बाद भी एमडीए ने उसे बकाया दिखाया। उस बकाए पर 18 प्रतिशत ब्याज भी लगा दिया। एमडीए में रोजाना सैकड़ों ऐसी शिकायतें आ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। डाटा कलेक्शन में आवंटी के घर से मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी ली गई। हालांकि, आवंटियों ने डाटा देने में आनाकानी भी की।
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वेबसाइट पर बनेगा लिंक और न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन
ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के लिए वेबसाइट पर लिंक और न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन आइकन तैयार किया जाएगा। उस पर क्लिक करने के बाद आवंटी अपने लॉग इन आईडी और पासवर्ड डालने के बाद अपना मेंटेनेंस शुल्क जमा कर सकेगा। इसके अलावा जिन आवंटियों ने अपना ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है वह भी वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। वहीं, आवंटी के यूजर लॉग इन पर वित्तीय वर्ष की किश्त का ब्यौरा भी नजर आएगा।
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हमारी 45 हजार संपत्तियां थी। हमने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर डाटा जुटाया है। वेबसाइट अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है। जल्द ही इस सॉफ्टवेयर को लांच किया जाएगा
- राजेश कुमार पांडेय, एमडीए उपाध्यक्ष