यूपी का व्यापम: 2 छात्रों को भेजा जेल, मिले कई अहम सुराग, कॉलेज में मचा हड़कंप
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सीसीएसयू में एमबीबीएस छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज से पकड़े गए एमबीबीएस के दोनों छात्रों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। छात्रों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। छात्रों के जेल जाने के बाद कॉलेज में हड़कंप मचा है। एसटीएफ अन्य छात्रों से भी पूछताछ कर सकती है। उत्तर-पुस्तिका बदले जाने के मामले की जड़ें जिले में कई जगह फैले होने की बात कही जा रही है। पुलिस ने फरार कर्मचारियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
एसटीएफ ने सोमवार को मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर के दो छात्र आयुष पुत्र डॉ. सुनील कुमार निवासी पानीपत और स्वर्णजीत पुत्र यशवीर निवासी संधाली जिला संगरूर, पंजाब को गिरफ्तार किया था। जो कॉपियां एसटीएफ को कविराज से बरामद हुई थीं, उन पर इन्हीं दोनों के रोल नंबर लिखे थे। जिसके बाद यूनिवर्सिटी से पकड़े गए पवन कुमार, संदीप और कपिल से पूछताछ किए जाने के बाद दोनों छात्रों के बारे में जानकारी जुटाई गई थी।
यूनिवर्सिटी से दोनों की पूरी जानकारी मिलने के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को दोनों छात्रों को मेडिकल पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दोनों के मंगलवार को प्रैक्टिकल थे। जेल जाते वक्त वह खुद को बेकसूर बताते हुए रोने लगे। उन्होंने कहा कि उन्हें तो अंबाला निवासी संदीप ने लालच दिलाया था कि वो उनके नंबर बढ़वा देगा।
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कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीट
कॉलेज के दो छात्रों के जेल जाने से दूसरे छात्र-छात्राएं दहशतजदा हैं। कॉलेज में हड़कंप मचा है। मंसूरपुर क्षेत्र के गांव बेगराजपुर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे पर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज वर्ष 2006 में बनकर तैयार हुआ था। पहले कालेज में एमबीबीएस की 100 सीटें थी, अब 150 सीटें हैं।
रोष जताया
राष्ट्रीय जन शक्ति मंच के द्वारा शिवाजी रोड स्थित चंद्रा हाउस कैंप कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई। संचालन जिला सचिव अमन खटीक ने किया। जिलाध्यक्ष उमाशंकर खटीक ने सीसीएसयू में एमबीबीएस जैसी जन स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्र्ण परीक्षा में छात्रों की उत्तर पुस्तिका बदले जाने के प्रकरण में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से मामले में सीबीआई जांच की मांग की। कहा कि इस प्रकार की घटना पर अंकुश लगना जरूरी है नहीं तो लोगों में चिकित्सकों के प्रति अविश्वास की भावना जन्म लेगी। आरोपियों की चल अचल संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए। बैठक में मुख्य रू प से गिरीश शर्मा, लोकेश ठाकूर, विशाल प्रेमी, एजाज हुसैन, मौ आरिफ, काली चरण जाटव, विजय सिंह, शिवमनी व आशीष आदि मौजूद रहे।
सभी रिटायर कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी
सीसीएसयू में कॉपियां बदलने के खेल के पीछे उत्तर पुस्तिका अनुभाग में तैनात रिटायर्ड कर्मचारी चंद्रप्रकाश का नाम आने के बाद अब यूनिवर्सिटी ने सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी कर ली है। चंद्रप्रकाश को रिटायरमेंट के बाद पूर्व वीसी विक्रम चंद्र गोयल ने रखा था। ऐसे में सारे रिटायर्ड कर्मचारियों की फाइलों को खंगाला जा रहा है।
फंस सकते हैं स्टोर रूम के कर्मचारी
जो दो कॉपियां एसटीएफ ने लिखी हुईं बरामद की हैं, उन्हें संदीप और कपिल ने स्टोर रूम से लेने की बात कही थी। ऐसे में ये कॉपियां उनके पास कैसे पहुंचीं, इसको लेकर विवेचक इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने मंगलवार को स्टोर रूम पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की। इस पूरे मामले में विवेचना का सबसे अहम पार्ट भी यही है कि स्टोर रूम से आखिर कॉपियां कैसे निकल गईं। बता दें कि कॉपियां बदलने के मामले में अब तक यूनिवर्सिटी के छह कर्मचारी फंस चुके हैं। इनमें पवन कुमार, संदीप, कपिल जेल जा चुके हैं। इसके अलावा जिन दो छात्रों की कॉपियां बदली जानी थी, वे भी जेल जा चुके हैं। फरार आरोपियों में दो यूनिवर्सिटी के कर्मचारी चंद्रप्रकाश और सलेख चंद एवं तीसरा हरियाणा का संदीप है।
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