फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   MBBS toppers in fake doctors, accused Kaviraj opened several secrets

फर्जी डॉक्टरों में MBBS के टॉपर भी, मुख्य आरोपी कविराज ने खोले कई राज

Mon, 19 Mar 2018 04:38 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 19 Mar 2018 04:38 PM IST
विज्ञापन
MBBS toppers in fake doctors, accused Kaviraj opened several secrets
फाइल फोटो

मेरठ में चौधरी चरण सिंह विवि के कर्मचारियों और छात्रनेताओं की मिलीभगत से एमबीबीएस की कॉपी बदलकर जो 600 से ज्यादा फर्जी डॉक्टर बन गए, उनमें एमबीबीएस के टॉपर बनने का भी संदेह है। छात्र नेता कविराज ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया कि जिन एमबीबीएस के छात्रों की कॉपी बदली गई, उनमें ऐसे भी छात्र शामिल थे जिन्होंने अपने तीन या सारे पेपरों की भी कॉपी बदलवाई थीं। एसटीएफ यह भी मान रही है कि अधिकांश ने जहां पास होने के लिए इस गोरखधंधे का सहारा लिया तो कुछ छात्र टॉपर भी बने होंगे।

विज्ञापन


एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी छात्रनेता कविराज और विवि के कर्मचारी पवन ने बताया कि जिस दिन एमबीबीएस की परीक्षा कॉलेजों में होती थी, उसके बाद कॉलेज से कॉपियों के बंडल विवि कैंपस के उत्तर पुस्तिका विभाग में भेज दिए जाते थे। जिन छात्रों को अपनी कॉपी बदलवानी होती थी और उनका पैसा आ जाता था, उन्हीं कॉपियों के बंडल खोलकर उसी अनुक्रमांक की कॉपी निकाली जाती थी। जिसके बाद कॉपी उसी छात्र को दे दी जाती थी जो छात्र उसी अनुक्रमांक का एडमिट कार्ड लाता था। जिससे यह पता चल सके कि इसी छात्र की कॉपी है, जिसे दी जा रही है। 
विज्ञापन


एसटीएफ का कहना है कि सेंधमारी कर जैसे ही कॉपी छात्रों द्वारा ली गई, उसके अगले दिन ही कॉपी वापस आ जाती थी। कॉपी का मुख्य पेज वही होता था अंदर की कॉपी उसी राइटिंग में लिखी होती थी। जिन बंडलों में से कॉपी निकालते थे, उसी बंडल में निकाली गई कॉपी के स्थान पर एक प्लेन कागज मोड़कर रख देते थे, जिससे अनुक्रमांक न मिलाने पड़ें। बाद में रखा गया कागज निकालकर वहीं पर कॉपी रख दी जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : मेरठ: कॉपियां बदलकर 600 मुन्नाभाई बन गए डॉक्टर, 4 आरोपी गिरफ्तार

MBBS toppers in fake doctors, accused Kaviraj opened several secrets
आरोपी

एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार यह बात भी सामने आ रही है कि कुछ छात्रों ने तीन-तीन कापियां भी बदलवाकर घर पर लिखी हैं। हो सकता है कि छात्रों ने घर पर कॉपी लिखने के लिए एमबीबीएस के डॉक्टरों का भी सहारा लिया गया हो।

सीओ एसटीएफ के अनुसार सीसीएसयू में साल 2014 से यह खेल चल रहा था। इसके बाद चौधरी चरण सिंह विवि के संबद्ध जिन मेडिकल कॉलेजों की कॉपी विवि कैंपस में आकर रखी जाती थी, उन सभी कॉलेजों के साल 2014 से लेकर अब तक के एमबीबीएस के टॉपर भी निशाने पर हैं। माना जा रहा है कि विवि प्रशासन को पत्र भेजकर टॉपरों की सूची जल्द मांगी जाएगी। पूरे मामले में एमबीबीएस के टॉपरों के भी होश उड़े हुए हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed