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Meerut News: भाईचारे के नारे से दरकते किले को बचाएंगी मायावती

Mon, 24 Mar 2025 02:40 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Mar 2025 02:40 AM IST
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Mayawati will save the crumbling fort with the slogan of brotherhood
बसपा का मिशन 2027
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- पश्चिम उप्र के सभी जनपदों में बसपा ने गठित की भाईचारा कमेटी



- 25 को लखनऊ में मायावती ने बुलाई भाईचारा कमेटी की बैठक

माई सिटी रिपोर्टर



मेरठ। बहुजन समाज पार्टी के दरकते किले को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। जिस सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से बसपा उप्र की सत्ता तक पहुंची थी अब फिर से बसपा वही रास्ता अपनाने की तैयारी में है। मुख्य संगठन के साथ-साथ बसपा ने फिर से जिला स्तर पर भाईचारा कमेटी गठित कर दी हैं। इसमें एक अनुसूचित और ओबीसी संयुक्त रूप से जिले का प्रभार देखेंगे। इसके माध्यम से सभी समाज के लोगों को जोड़ने का काम शुरू किया गया है। 25 मार्च को भाईचारा कमेटी के पदाधिकारियों की बसपा सुप्रीमो ने लखनऊ में बैठक भी बुलाई है।

बसपा के पुराने अस्तित्व की बात करें तो बामसेफ और भाईचारा कमेटी का संगठन को मजबूत करने और पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में बड़ा योगदान रहा। बसपा हाईकमान ने जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी का नारा देते हुए सभी को साथ लेकर उप्र की सत्ता हासिल की थी। 2012 के बाद से जहां बामसेफ के सदस्यों की संख्या कम होती चली गई वहीं भाईचारा कमेटियों का अस्तित्व खत्म होता चला गया था। परिणाम यह हुआ कि पार्टी दूसरे प्रदेशों में ही नहीं बल्कि उप्र में धरातल पर चली गई। उसके बाद से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बसपा अपनी जमानत भी नहीं बचा पा रही है। इस संकट के दौर में बसपा पर भाजपा की बी पार्टी होने के भी आरोप लगातार लग रहे हैं।
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पिछले एक माह से बसपा हाईकमान की सक्रियता देखी जा रही है। हालांकि इस दौरान मायावती सबसे अधिक चर्चा में उस समय आई जब इन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद और उसके ससुर को पार्टी के सभी पदों से मुक्त किया। इसके बाद से मायावती लगातार संगठन की बैठकें लेने के साथ साथ सत्ताधारी पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। उधर, मायावती ने सबसे बड़ा कदम बसपा संगठन को फिर से मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हर जिले में भाईचारा कमेटी का गठन करते हुए पदाधिकारियों की सूची जारी की हैं।
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पश्चिम के छह जनपदों में ये बनाए भाईचारा कमेटी के जिला प्रभारी

- मेरठ की भाईचारा कमेटी के प्रभारी के रूप में बाबूराम जाटव और धर्मवीर सैनी को जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा गाजियाबाद में ओमवीर सिंह जाटव, पंकज कश्यप, हापुड़ में राहुल जाटव, सतीश कश्यप, गौतमबुद्धनगर में गोपीचंद और मनवीर भाटी, बागपत में सुनील दाहा और अमित कश्यप, बुलंदशहर में सतीश गौतम और गंगाशरण बघेल को बसपा भाईचारा कमेटी का जिला प्रभारी बनाया है।




पार्टी के संगठन में पुराने सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा रही हैं। पार्टी हाईकमान ने भाईचारा कमेटियों का गठन किया है। 25 मार्च को राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी मुख्य पदाधिकारी और भाईचारा कमेटियों के पदाधिकारियों की बैठक लखनऊ में लेंगी। फिर से पार्टी का संगठन पूर्व की भांति दिखाई देगा। हर जाति और वर्ग के व्यक्ति को पार्टी में सम्मान दिया जा रहा है।

- मोहित आनंद, मंडल प्रभारी बसपा।
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