{"_id":"669c5279b90c1d40e9094704","slug":"may-the-glory-of-this-tricolor-remain-if-hindus-and-muslims-unite-sardana-news-c-44-1-smrt1055-104592-2024-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: इस तिरंगे की शान बाकी रहे, हिंदू-मुस्लिम जो एक हो जाए...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: इस तिरंगे की शान बाकी रहे, हिंदू-मुस्लिम जो एक हो जाए...
विज्ञापन
सरधना। नगर के रामलीला ग्राउंड में चल रहे ऐतिहासिक मेला बूढ़ा बाबू का शनिवार देर रात गंगा-जमुनी तहजीब मुशायरे के साथ समापन हो गया। समापन अवसर पर नगर पालिका की चेयरपर्सन सबीला बेगम ने मेला आयोजन समिति, सभासदों और सहयोगियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
मेला समापन के दौरान गंगा-जमुनी मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित और सीओ संजय कुमार जायसवाल रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल, अध्यक्षता वकार खान अध्यक्ष सरधना पत्रकार एसोसिएशन ने की। शमा रोशन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह, सीएचसी प्रभारी डाॅ. संदीप गौतम ने की।
कार्यक्रम में शायर जिगर देवबंदी ने है फूल भी हमारे, खुशबू भी हमारी, हिंदी भी हमारी, उर्दू भी हमारी पढ़ा। नफीस देवबंदी ने मेयार का अंदाजा कपड़ों से नहीं होता, हालात के मारों को जाहिल न समझना। इकरा नूर सहारनपुरी ने पढ़ा कि देश की आन-बान बाकी रहे, इस तिरंगे की शान बाकी रहे, हिंदू-मुस्लिम जो एक हो जाए, प्यारा हिंदुस्तान बाकी रहे।
विज्ञापन
सईद कुरैशी ने पढ़ा हजाराें दाग हैं दामन पे जिसके, उसे रहबर बनाया जा रहा है। मा. फरीदी ने पढ़ा लम्हा-लम्हा कट रहा है। जिंदगी, हसरतें क्यों मुख्तसर होती नहीं। इसके बाद लोगों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
चेयरपर्सन ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा के कारण मेले के आयोजन लिए प्रशासन से 20 दिन की ही अनुमति मिली थी। लेकिन अगले साल यह मेला पूरे 40 दिन आयोजित किया जाएगा।
इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष तारिक हसन, खालिद, शाहिद मलिक, तनिका जैन, सोनू त्यागी, मुकेश कुमार, निजाम अंसारी, ऐनुद्दीन शाह, समर कुरैशी, राजीव जैन, हाजी इशाक कुरैशी, जितेंद्र पांचाल, पंकज जैन, पिंकी साेम, इमरान ठाकुर, सोनू त्यागी, शहजाद सितारा, ऋषभ जैन, हासिम मलिक, कासिम अंसारी, जाहिद कुरैशी, मंजूर मलिक, जीशान कुरेशी व समस्त सभासद मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेला समापन के दौरान गंगा-जमुनी मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित और सीओ संजय कुमार जायसवाल रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल, अध्यक्षता वकार खान अध्यक्ष सरधना पत्रकार एसोसिएशन ने की। शमा रोशन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह, सीएचसी प्रभारी डाॅ. संदीप गौतम ने की।
विज्ञापन
कार्यक्रम में शायर जिगर देवबंदी ने है फूल भी हमारे, खुशबू भी हमारी, हिंदी भी हमारी, उर्दू भी हमारी पढ़ा। नफीस देवबंदी ने मेयार का अंदाजा कपड़ों से नहीं होता, हालात के मारों को जाहिल न समझना। इकरा नूर सहारनपुरी ने पढ़ा कि देश की आन-बान बाकी रहे, इस तिरंगे की शान बाकी रहे, हिंदू-मुस्लिम जो एक हो जाए, प्यारा हिंदुस्तान बाकी रहे।
विज्ञापन
सईद कुरैशी ने पढ़ा हजाराें दाग हैं दामन पे जिसके, उसे रहबर बनाया जा रहा है। मा. फरीदी ने पढ़ा लम्हा-लम्हा कट रहा है। जिंदगी, हसरतें क्यों मुख्तसर होती नहीं। इसके बाद लोगों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
चेयरपर्सन ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा के कारण मेले के आयोजन लिए प्रशासन से 20 दिन की ही अनुमति मिली थी। लेकिन अगले साल यह मेला पूरे 40 दिन आयोजित किया जाएगा।
इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष तारिक हसन, खालिद, शाहिद मलिक, तनिका जैन, सोनू त्यागी, मुकेश कुमार, निजाम अंसारी, ऐनुद्दीन शाह, समर कुरैशी, राजीव जैन, हाजी इशाक कुरैशी, जितेंद्र पांचाल, पंकज जैन, पिंकी साेम, इमरान ठाकुर, सोनू त्यागी, शहजाद सितारा, ऋषभ जैन, हासिम मलिक, कासिम अंसारी, जाहिद कुरैशी, मंजूर मलिक, जीशान कुरेशी व समस्त सभासद मौजूद रहे।