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सीएचसी पर पुलिस और परिजनों में हाथापाई

Wed, 25 May 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Wed, 25 May 2016 01:52 AM IST
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शव को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच होती खींचतान। - फोटो : अमर उजाला
मवाना सीएचसी और परीक्षितगढ़ थाने के चक्कर में अहसान की मौत के बाद परिजनों ने बखेड़ा खड़ा कर दिया। अहसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय परिजन और रिश्तेदार पुलिस से भिड़ गये। इस दौरान पुलिस से जमकर हाथापाई और नोकझोंक हुई। मीडिया कर्मियों को भी कवरेज से रोकने की कोशिश की गई। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने थाने में उनकी सुनवाई नहीं की। अस्पताल और पुलिस की लापरवाही से समय से इलाज न मिलने पर अहसान की मौत हुई है।
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 बाद में पुलिस जबरन शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए ले गई। इस संबंध में एसओ परीक्षितगढ़ श्यामवीर सिंह का कहना है कि मारपीट की घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। परिजन अहसान को मवाना सीएचसी ले गए थे, लेकिन वहां से उन्हें परीक्षितगढ़ भेज दिया गया। इसके बाद परिजन उसे किसी प्राइवेट डॉक्टर के यहां ले गए। शाम को थाने पहुंचे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। अहसान की मौत थाने के बाहर हुई है।
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परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उधर, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने करीब दो घंटे उन्हें थाने में ही बैठाए रखा। इस बीच धूप में दर्द से तड़पते अहसान की हालत बिगड़ गई। वह पुलिस से उसे अस्पताल में भर्ती कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई।
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आरोप है कि पुलिसकर्मी यहां तक कहते रहे कि अहसान बेहोशी का नाटक कर रहा है। अहसान ने दोपहर करीब दो बजे थाने में ही दम तोड़ दिया। यह देख थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। इसके बाद पुलिस उसे लेकर सीएचसी पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

शरीर पर नहीं थे चोट के निशान
मवाना। मवाना सीएचसी पर अहसान को अटेंड करने वाले फार्मेसिस्ट कोडियाल ने बताया कि अहसान के परिजन उसे सीएचसी लेकर आए थे। उसके शरीर के बाहरी हिस्से पर चोट के कोई निशान नहीं थे। उसके परिजनों ने उसका डॉक्टरी परीक्षण करने को कहा तो उन्होंने कहा कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर ही डॉक्टरी हो सकती है। इसके बाद परिजन उसे लेकर चले गए थे। सीएचसी अधीक्षक वीके चौहान ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं, उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।


यहां तो मृत लेकर आए थे
परीक्षितगढ़। सीएची के डॉक्टर संदीप गौतम ने बताया कि अहसान को पुलिस दोपहर करीब 2:30 बजे मृत हालत में लेकर आई थी। वहीं, यह भी चर्चा रही कि थाना पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए थाने की जनरल डायरी (जीडी) रोकते हुए दोपहर करीब दो बजे एनसीआर दर्ज कर ली थी। 
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