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Meerut News: फाइलों से बाहर नहीं निकली मातृभूमि, चार साल में एक भी आवेदन नहीं
Mon, 03 Mar 2025 12:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 03 Mar 2025 12:16 AM IST
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सहारनपुर। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के विकास को पंख देने के लिए वर्ष 2021 में मातृभूमि योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य यह था कि शहर और विदेश में बैठे लोग भी ग्राम पंचायतों के विकास में सहयोग कर सकेंगे। हैरानी की बात यह है कि योजना केवल फाइलों में सिमटकर रह गई। चार साल में एक भी आवेदन नहीं आया।
दरअसल, ग्राम पंचायतों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरूआत की गई थी। योजना को सीधे तौर पर उन लोगों को जोड़ना था जो अपने गांव से बाहर रहते हैं और गांव में विकास कार्य कराना चाहते हैं। योजना के तहत लोग ग्राम पंचायतों में कई योजनाओं का निर्माण करा सकते थे। इसमें स्कूल कॉलेजों में कक्षों या स्मार्ट क्लास का निर्माण, सामुदायिक भवन, मैरिज हाल, उप चिकित्सा केंद्र भवन, साजसज्जा, आंगनबाड़ी-मध्याह्न भोजन के लिए रसोई घर, लाइब्रेरी, यात्री शेड, स्ट्रीट लाइट, स्टेडियम, उपकरण या फिर ओपन जिम आदि शामिल थे।
इसके अलावा सीसीटीवी, सर्विलांस सिस्टम, एसटीपी, ड्रेनेज सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, तालाबों का सौंदर्यीकरण भी इस योजना का हिस्सा था। इसमें आवेदन करने वाले व्यक्ति को राशि का 60 फीसदी स्वयं वहन करना था। जबकि 40 फीसदी राशि सरकार को वहन करना था। योजना का नाम आवेदनकर्ता स्वयं अपने या फिर रिश्तेदार के नाम से भी रख सकता है।
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वर्जन
मातृभूमि योजना में अभी तक विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। कुछ लोगों से योजना को लेकर बातचीत चल रही है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। -आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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दरअसल, ग्राम पंचायतों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरूआत की गई थी। योजना को सीधे तौर पर उन लोगों को जोड़ना था जो अपने गांव से बाहर रहते हैं और गांव में विकास कार्य कराना चाहते हैं। योजना के तहत लोग ग्राम पंचायतों में कई योजनाओं का निर्माण करा सकते थे। इसमें स्कूल कॉलेजों में कक्षों या स्मार्ट क्लास का निर्माण, सामुदायिक भवन, मैरिज हाल, उप चिकित्सा केंद्र भवन, साजसज्जा, आंगनबाड़ी-मध्याह्न भोजन के लिए रसोई घर, लाइब्रेरी, यात्री शेड, स्ट्रीट लाइट, स्टेडियम, उपकरण या फिर ओपन जिम आदि शामिल थे।
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इसके अलावा सीसीटीवी, सर्विलांस सिस्टम, एसटीपी, ड्रेनेज सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, तालाबों का सौंदर्यीकरण भी इस योजना का हिस्सा था। इसमें आवेदन करने वाले व्यक्ति को राशि का 60 फीसदी स्वयं वहन करना था। जबकि 40 फीसदी राशि सरकार को वहन करना था। योजना का नाम आवेदनकर्ता स्वयं अपने या फिर रिश्तेदार के नाम से भी रख सकता है।
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वर्जन
मातृभूमि योजना में अभी तक विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। कुछ लोगों से योजना को लेकर बातचीत चल रही है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। -आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी।