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Meerut News: शहीद परिवार ने जमीन पर कब्जे के प्रयास की शिकायत की
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील क्षेत्र के गांव चिरौड़ी में शहीद सैनिक के परिवार ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए एसडीएम से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि कुछ लोग सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे परिवार में रोष है।
शिकायत पत्र में बताया गया कि वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए धर्मवीर सिंह के परिजनों को सरकार द्वारा जीविकोपार्जन के लिए भूमि आवंटित की गई थी। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने ग्राम प्रधान के साथ मिलकर रात के समय सरकारी खड़ंजे की ईंटें हटाकर खेत में डाल दीं और वहां चबूतरा बनाकर कब्जे का प्रयास किया। पीड़ित परिवार ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2020 में भी इसी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश हुई थी। उस समय शिकायत के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया था। अब दोबारा विवाद खड़ा होने से परिवार चिंतित है।
परिजनों का आरोप है कि मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने इसे राजस्व विभाग का मामला बताते हुए कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परिवार ने एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि भूमि को कब्जामुक्त कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहीद परिवार को न्याय मिल सके। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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सरधना। तहसील क्षेत्र के गांव चिरौड़ी में शहीद सैनिक के परिवार ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए एसडीएम से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि कुछ लोग सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे परिवार में रोष है।
शिकायत पत्र में बताया गया कि वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए धर्मवीर सिंह के परिजनों को सरकार द्वारा जीविकोपार्जन के लिए भूमि आवंटित की गई थी। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने ग्राम प्रधान के साथ मिलकर रात के समय सरकारी खड़ंजे की ईंटें हटाकर खेत में डाल दीं और वहां चबूतरा बनाकर कब्जे का प्रयास किया। पीड़ित परिवार ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2020 में भी इसी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश हुई थी। उस समय शिकायत के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया था। अब दोबारा विवाद खड़ा होने से परिवार चिंतित है।
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परिजनों का आरोप है कि मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने इसे राजस्व विभाग का मामला बताते हुए कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परिवार ने एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि भूमि को कब्जामुक्त कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहीद परिवार को न्याय मिल सके। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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