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मनोरंजन कर पर कुंडली जमाए बैठे रसूखदार
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 29 Sep 2016 02:32 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मनोरंजन कर विभाग को आम आदमी ही नहीं, रसूखदार भी चूना लगा रहे हैं। दर्जा प्राप्त मंत्री की पत्नी, दो होटल संचालकों समेत कैंट बोर्ड भी इस काम में पीछे नहीं है। कुल 25 बकायेदार विभाग का 40 लाख से ज्यादा रुपया दबाए बैठे हैं। ऐसा नहीं है कि मनोरंजन कर विभाग चुप्पी साधे बैठा है। विभाग इनके खिलाफ वसूली के लिए आरसी जारी कर चुका है, लेकिन अभी तक टैक्स जमा नहीं हुआ है।
मनोरंजन कर विभाग का दायरा अब काफी सिमट चुका है। कई खेल, तमाशे और मनोेरंजन के संसाधन टैक्स के दायरे से बाहर हो चुके हैं। अब उसके पास टैक्स पाने का सबसे बड़ा जरिया केबिल टीवी है। इसके अलावा शहर के होटलों, मंडपों या अन्य स्थानों पर यदि टिकट लगाकर मनोरंजन कराया जाता है, तो वह टैक्स के दायरे में आता है। कुछ केबिल ऑपरेटर लंबे समय से बकायेदार बने हुए हैं। बकायेदारों की सूची को अगर देखें तो एक बड़ा नाम आसमा पत्नी मौ. अब्बास का आता है। जिनके नाम पर केबिल ऑपरेटर का लाइसेंस है। आसमा पर मनोरंजन कर विभाग के 2,55,535 रुपये बकाया हैं। वसूली प्रमाण पत्र भी जारी हो चुका है, लेकिन आज तक इसका पैसा संग्रह अमीन जमा नहीं करा पाए हैं।
मेरठ कैंट बोर्ड भी मनोरंजन कर विभाग का बड़ा बकायेदार है। जिसके ऊपर 3,24,705 रुपये बकाया हैं। कैंट बोर्ड को तीन माह पहले आरसी जारी हुई थी, लेकिन अभी तक एक रुपया भी टैक्स जमा नहीं किया है। जबकि वह गांधी बाग में टिकट लगाकर ट्रेन और बोटिंग आदि से लोगों का मनोरंजन करते हुए कमाई कर रहा है।
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सबसे बड़े बकायेदार फिल्मिस्तान सिनेमा हॉल के मालिक हैं, जिनके ऊपर 10 लाख रुपये का मनोरंजन कर है। इन्होंने भी आज तक एक पैसा विभाग को नहीं दिया है। इसके अलावा आबूलेन पर कांग्रेसी नेता रमेश धींगड़ा का राजमहल होटल है, उनके ऊपर भी विभाग का 62,200 रुपये बकाया है। धींगड़ा ने भी आरसी जारी होने के बाद बावजूद टैक्स नहीं दिया।
मनोरंजन कर विभाग ने जारी की सूची
मनोरंजन कर विभाग ने ऐसे 25 बकायेदारों की सूची जारी की है, जिनमें ऊपर कुल 40.42 लाख रुपये का बकाया है। इन रसूखदारों से वसूली करने में संग्रह अमीन पूरी तरह फेल नजर आ रहे हैं।
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मनोरंजन कर विभाग का दायरा अब काफी सिमट चुका है। कई खेल, तमाशे और मनोेरंजन के संसाधन टैक्स के दायरे से बाहर हो चुके हैं। अब उसके पास टैक्स पाने का सबसे बड़ा जरिया केबिल टीवी है। इसके अलावा शहर के होटलों, मंडपों या अन्य स्थानों पर यदि टिकट लगाकर मनोरंजन कराया जाता है, तो वह टैक्स के दायरे में आता है। कुछ केबिल ऑपरेटर लंबे समय से बकायेदार बने हुए हैं। बकायेदारों की सूची को अगर देखें तो एक बड़ा नाम आसमा पत्नी मौ. अब्बास का आता है। जिनके नाम पर केबिल ऑपरेटर का लाइसेंस है। आसमा पर मनोरंजन कर विभाग के 2,55,535 रुपये बकाया हैं। वसूली प्रमाण पत्र भी जारी हो चुका है, लेकिन आज तक इसका पैसा संग्रह अमीन जमा नहीं करा पाए हैं।
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मेरठ कैंट बोर्ड भी मनोरंजन कर विभाग का बड़ा बकायेदार है। जिसके ऊपर 3,24,705 रुपये बकाया हैं। कैंट बोर्ड को तीन माह पहले आरसी जारी हुई थी, लेकिन अभी तक एक रुपया भी टैक्स जमा नहीं किया है। जबकि वह गांधी बाग में टिकट लगाकर ट्रेन और बोटिंग आदि से लोगों का मनोरंजन करते हुए कमाई कर रहा है।
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सबसे बड़े बकायेदार फिल्मिस्तान सिनेमा हॉल के मालिक हैं, जिनके ऊपर 10 लाख रुपये का मनोरंजन कर है। इन्होंने भी आज तक एक पैसा विभाग को नहीं दिया है। इसके अलावा आबूलेन पर कांग्रेसी नेता रमेश धींगड़ा का राजमहल होटल है, उनके ऊपर भी विभाग का 62,200 रुपये बकाया है। धींगड़ा ने भी आरसी जारी होने के बाद बावजूद टैक्स नहीं दिया।
मनोरंजन कर विभाग ने जारी की सूची
मनोरंजन कर विभाग ने ऐसे 25 बकायेदारों की सूची जारी की है, जिनमें ऊपर कुल 40.42 लाख रुपये का बकाया है। इन रसूखदारों से वसूली करने में संग्रह अमीन पूरी तरह फेल नजर आ रहे हैं।