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मंदिर किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं
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मंदिर किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं
- संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर के पक्ष में किया दावा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गढ़ रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर का मामला गरमाता जा रहा है। शनिवार को प्राचीन शिव मंदिर संघर्ष समिति ने मंदिर परिसर में प्रेसवार्ता की और कुछ प्रमाणों का जिक्र करते हुए मंदिर के अस्तित्व का दावा किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं है। वर्ष 1977 में मंदिर का निर्माण करने वाले नानू सिंह के दूसरे बेटे घनश्याम सैनी, मंदिर के पुजारी और 20 साल से अधिक समय से मंदिर में नियमित पूजा के लिए वाले लोगों नेे भी अपने स्तर पर दावे किए। उन्होंने कहा कि मंदिर की अन्य संपत्तियों को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
शास्त्री नगर जागृति विहार संयुक्त व्यापार संघ के संरक्षक विरेंद्र शर्मा बिल्लू ने बताया कि नानू सिंह की संपत्ति मंदिर के नाम पर थी। योगेश सैनी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति सम्राट स्वीट्स के मालिक विवेक शर्मा को बेच दी है। मंदिर के पक्ष में नौ स्थानीय लोगों ने शपथ पत्र सरकारी विभागों में जमा किए हैं।
घनश्याम सैनी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि यह मंदिर जनता के लिए होना चाहिए। पिता द्वारा मंदिर के संबंध में कोई वसीयत नहीं की गई। दूसरे भाई से उनका संपर्क नहीं है। आरोप लगाया कि उनके भतीजे उन्हें भी धमकी दे रहे हैं। उन्होंने सरकारी विभागों के अलावा कोर्ट स्तर पर कई प्रमाण मंदिर के पक्ष में बताए। इस दौरान नीरज त्यागी, करुणेश नंदन गर्ग, गोपाल सूदन, मुनीष शर्मा, संजीव मिश्रा, आशीष नागदेव, किशन कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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पुजारी सहित अन्य लोग बोले...
-- वर्ष 2013 से मंदिर में पूजा अर्चना कर रहा हूं। संस्थापक का स्वर्गवास हो गया था। इसके बाद स्वयं ही मंदिर में सफाई और पूजा करते रहे। सितंबर 2019 को मंदिर की भूमि को अपना बताने वालों ने उन्हें मंदिर से बाहर निकाल दिया। पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित दस्तावेज भी मंदिर के नाम पर ही हैं। - महादेव शर्मा, पुजारी, प्राचीन शिव मंदिर।
- शादी से पूर्व विभिन्न पूजा संबंधी रस्में इसी मंदिर में संपूर्ण कराई गई थी। बचपन से इस मंदिर में दर्शन के लिए आता हूं। -- मनु अग्रवाल, निवासी शास्त्रीनगर।
-- मंदिर परिसर में छह विशाल वृक्ष थे। वर्ष 1995 से नियमित रुप से मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे हैं। पहले मंदिर के पुजारी अमन पंडित जी थे। --मधु गुप्ता, निवासी शास्त्रीनगर।
-- मंदिर के पास 1983 में घर का निर्माण हुआ था। तब से नियमित रुप से मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। आसपास के लोगों के नक्शों में भी मंदिर का अंकित है। -- मधु सक्सेना निवासी शास्त्रीनगर।
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- संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर के पक्ष में किया दावा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गढ़ रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर का मामला गरमाता जा रहा है। शनिवार को प्राचीन शिव मंदिर संघर्ष समिति ने मंदिर परिसर में प्रेसवार्ता की और कुछ प्रमाणों का जिक्र करते हुए मंदिर के अस्तित्व का दावा किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं है। वर्ष 1977 में मंदिर का निर्माण करने वाले नानू सिंह के दूसरे बेटे घनश्याम सैनी, मंदिर के पुजारी और 20 साल से अधिक समय से मंदिर में नियमित पूजा के लिए वाले लोगों नेे भी अपने स्तर पर दावे किए। उन्होंने कहा कि मंदिर की अन्य संपत्तियों को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
शास्त्री नगर जागृति विहार संयुक्त व्यापार संघ के संरक्षक विरेंद्र शर्मा बिल्लू ने बताया कि नानू सिंह की संपत्ति मंदिर के नाम पर थी। योगेश सैनी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति सम्राट स्वीट्स के मालिक विवेक शर्मा को बेच दी है। मंदिर के पक्ष में नौ स्थानीय लोगों ने शपथ पत्र सरकारी विभागों में जमा किए हैं।
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घनश्याम सैनी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि यह मंदिर जनता के लिए होना चाहिए। पिता द्वारा मंदिर के संबंध में कोई वसीयत नहीं की गई। दूसरे भाई से उनका संपर्क नहीं है। आरोप लगाया कि उनके भतीजे उन्हें भी धमकी दे रहे हैं। उन्होंने सरकारी विभागों के अलावा कोर्ट स्तर पर कई प्रमाण मंदिर के पक्ष में बताए। इस दौरान नीरज त्यागी, करुणेश नंदन गर्ग, गोपाल सूदन, मुनीष शर्मा, संजीव मिश्रा, आशीष नागदेव, किशन कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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पुजारी सहित अन्य लोग बोले...
-- वर्ष 2013 से मंदिर में पूजा अर्चना कर रहा हूं। संस्थापक का स्वर्गवास हो गया था। इसके बाद स्वयं ही मंदिर में सफाई और पूजा करते रहे। सितंबर 2019 को मंदिर की भूमि को अपना बताने वालों ने उन्हें मंदिर से बाहर निकाल दिया। पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित दस्तावेज भी मंदिर के नाम पर ही हैं। - महादेव शर्मा, पुजारी, प्राचीन शिव मंदिर।
- शादी से पूर्व विभिन्न पूजा संबंधी रस्में इसी मंदिर में संपूर्ण कराई गई थी। बचपन से इस मंदिर में दर्शन के लिए आता हूं। -- मनु अग्रवाल, निवासी शास्त्रीनगर।
-- मंदिर परिसर में छह विशाल वृक्ष थे। वर्ष 1995 से नियमित रुप से मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे हैं। पहले मंदिर के पुजारी अमन पंडित जी थे। --मधु गुप्ता, निवासी शास्त्रीनगर।
-- मंदिर के पास 1983 में घर का निर्माण हुआ था। तब से नियमित रुप से मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। आसपास के लोगों के नक्शों में भी मंदिर का अंकित है। -- मधु सक्सेना निवासी शास्त्रीनगर।
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