फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Major action is being taken in the petrol bomb blast case, an inquiry committee has been formed.

Meerut News: पेट्रोल बम धमाके के मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, जांच समिति गठित

Tue, 14 Oct 2025 02:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 02:46 AM IST
विज्ञापन
Major action is being taken in the petrol bomb blast case, an inquiry committee has been formed.
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि की ओर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास में हुए पेट्रोल बम धमाके में विश्वविद्यालय की ओर से बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने जांच समिति गठित कर दी है। विवि ने रविवार को पांच आरोपियों को हॉस्टल से निष्कासित करते हुए सिक्योरिटी जब्त कर ली थी। नौ छात्रों को एक-एक महीने के लिए हॉस्टल से निलंबित किया गया है।
विज्ञापन

समिति छात्रों से बात करते हुए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि धमाके में किस पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि अब तक पेट्रोल बम फोड़ने की बात सामने आई है। इस मामले में सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की संलिप्तता की भी बात सामने आ रही है। इनकी जांच के लिए सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो.नीरज सिंघल को अधिकृत किया गया है। जिन 14 विद्यार्थियों पर कार्रवाई की गई है। उनके परिजनों को कैंपस में बुलाया गया है। विवि प्रशासन के अनुसार दोषी छात्रों को एक सेमेस्टर तक निलंबित किया जा सकता है।
विज्ञापन

सर छोटूराम कॉलेज के हॉस्टल पहुंचीं कुलपति
कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने सबसे पहले वार्डन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि यह घटना गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लेना है। उन्होंने छात्रों से संवाद बढ़ाने और समस्याओं को जानने का प्रयास करने के लिए कहा। बैठक के बाद कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला, प्रोवीसी प्रो.मृदुल गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ.अनिल कुमार यादव, चीफ वार्डन प्रो.दिनेश कुमार सहित सभी अधिकारी सरछोटू राम कॉलेज पहुंचे। यहां छात्रों की उपस्थिति चेक की गई। यहां से विवि अधिकारी डीडीयू हॉस्टल पहुंचे और छात्रों से बात करते हुए अनुशासनहीन गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच समिति पर उठे सवाल
विवि की कार्रवाई का छात्रों की ओर से विरोध भी शुरू हो गया है। एडवोकेट आदेश प्रधान ने कहा कि मात्र कुछ घंटे की जांच में विवि ने कैसे ये पता लगा लिया कि शुक्रवार रात की घटना में 14 छात्र शामिल थे। आदेश प्रधान के अनुसार जांच समिति में कौन से प्रोफेसर हैं और किस आधार पर छात्रों को दोषी मानते हुए सजा तय की गई। छात्रों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। ये छात्र दूरदराज के गांवों से आए हैं। छात्रों को पहले सात से 15 दिनों का नोटिस देना चाहिए था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed