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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Mahashivratri: 1.5 lakh Shiva devotees will perform Jalabhishek in Baba Aughadnath temple

Mahashivratri : ग्रहों के महासंयोग में होगा शिव का विशेष पूजन, बाबा औघड़नाथ मंदिर में 1.5 लाख शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक

Sun, 27 Feb 2022 12:53 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 27 Feb 2022 12:53 PM IST
सार

महाशिवरात्रि के दिन शिवालयों में जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की टोलियां शहर की सड़कों पर बोल बम के जयकारे लगाते हुए बढ़ रही हैं। बच्चा पार्क स्थित मंदिरों में कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गई हैं। कोविड के चलते दो वर्ष से यात्रा पर प्रतिबंध रहा। ऐसे में इस बार शहर से काफी संख्या में लोग कांवड़ लेने गए हैं।

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Mahashivratri: 1.5 lakh Shiva devotees will perform Jalabhishek in Baba Aughadnath temple
हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की टोली - फोटो : amar ujala

विस्तार

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा व व्रत किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव और पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है। शिव का प्राकट्य दिवस के रूप में भी काफी श्रद्धालु आराधना करते हैं। वैसेे शिवरात्रि हर महीने में आती है, लेकिन फाल्गुन मास में आने वाली इस महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। शिव भक्त पूरी रात जागते हैं और अपने आराध्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखते हैं। महाशिवरात्रि पर बाबा औघड़नाथ मंदिर में इस बार करीब 1.5 लाख शिवभक्त जलाभिषेक करेंगे। इनमें पांच हजार कांवड़ लाने वाले शिवभक्त भी होंगे।
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आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार एक मार्च (मंगलवार) को महाशिवरात्रि पर मकर राशि में शुक्र, मंगल, बुध, चंद्र, शनि के संयोग के साथ ही केदार योग भी बनेगा। शिव पूजा उपासना के लिए विशेष कल्याणकारी है। 
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ग्रहों के राजा और गुरु बृहस्पति कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। शिव पूजन का संयोग 28 फरवरी यानी सोमवार को प्रदोष से शुरू होगा जो महाशिवरात्रि पर दिन-रात रहेगा। दूसरी ओर शिवरात्रि पर धनिष्ठा नक्षत्र में परिधि नाम का योग बन रहा है। 
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पूजा के मुहूर्त
प्रथम प्रहर : शाम 06:21 से 09:27 बजे तक
द्वितीय प्रहर : रात 09:27 से 12:33 बजे तक
तृतीय प्रहर : रात 12:31 से 03:32 बजे तक
चतुर्थ प्रहर : सुबह 03:32 से 06:34 बजे तक
व्रत पारण समय : दो मार्च की सुबह 05:34 से 06:02 बजे तक


महाशिवरात्रि व्रत का फल
महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। कन्याओं के विवाह में देरी या बाधा दूर होती है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी आती है। अशुभ ग्रह शांत होते हैं। कालसर्प दोष दूर होता है। चंद्रमा के अशुभ होने से व्यक्ति को मानसिक तनाव होता है और कार्य क्षमता प्रभावित होती है। इससे धन हानि के हालात बनते हैं। महाशिवरात्रि की पूजा से दांपत्य जीवन से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं।

शिव पूजन के विशेष समय
इस बार त्रयोदशी और चतुर्दशी के मिलन का समय शिव पूजन के लिए अति उत्तम रहेगा। अब की बार एक दिन पहले सोम प्रदोष व्रत का आगमन इस महाशिवरात्रि की उपासना में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ब्रह्मुहूर्त में 04:00 बजे से रुद्राभिषेक शुभ है। सोम प्रदोष और महाशिवरात्रि दोनों ही दिन के फल प्राप्त होगा।

गुड़ मिले दूध से रुद्राभिषेक
अगर कोई शिव भक्त इस बार गुड़ मिले दूध या गुड़ मिले गंगाजल से रुद्राभिषेक करता है तो उसको धन से लेकर मोक्ष तक की प्राप्ति अवश्य होगी इसमें कोई संदेह नहीं है।

मंदिर की दो किलो मीटर की परिधि में रहेगी सुरक्षा
मंदिर के दो किलोमीटर की परिधि में विशेष पुलिस सुरक्षा रहेगी। मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस मौजूद रहेगी। सीएमओ से मंदिर के बाहर एंबुलेंस की मांग की है। मंदिर समिति के अनुसार महाशिवरात्रि पर रात में चार प्रहर की आरती होगी। शाम 7 बजे, रात्रि 11 बजे, रात्रि 1 बजे और सुबह 4 बजे घंटा, घड़ियाल और परंपरा अनुसार आरती का आयोजन किया जाएगा।

बाबा औघड़नाथ मंदिर में 1.5 लाख शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक
महाशिवरात्रि पर बाबा औघड़नाथ मंदिर में इस बार करीब 1.5 लाख शिवभक्त जलाभिषेक करेंगे। इनमें पांच हजार कांवड़ लाने वाले शिवभक्त भी होंगे। पर्व पर भव्य आयोजन के लिए शनिवार को मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें आयोजन की तैयारियों पर मंथन किया गया। 

वहीं, शिवभक्तों की टोलियां शहर की सड़कों पर बोल बम के जयकारे लगाते हुए बढ़ रही हैं। बच्चा पार्क स्थित मंदिरों में कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गई हैं। कोविड के चलते दो वर्ष से यात्रा पर प्रतिबंध रहा। ऐसे में इस बार शहर से काफी संख्या में लोग कांवड़ लेने गए हैं। एक मार्च को महाशिवरात्रि है। एक दिन पूर्व ही शुभ संयोग में सोमवार भी आ रहा है। दोनों दिन शिवालयों में भीड़ रहेगी।

बाबा औघड़नाथ मंदिर की कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन के बारे में जानकारियां लीं। अपर जिलाधिकारी दिवाकर सिंह, एसपी सिटी विनीत भटनागर, एडीएम सिटी सहित अन्य अधिकारियों ने दिशा-निर्देश दिए।

समिति के महामंत्री सतीश सिंघल ने बताया कि मंगलवार सुबह चार बजे से बुधवार रात तक मंदिर खुला रहेगा। मंदिर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। 100 सहयोगी बंधु मंदिर में व्यवस्था बनाएंगे। पूरे मंदिर परिसर में फूलों से सजाया जाएगा। राधा गोविंद मंदिर में फूल बंगला सजाया जाएगा।  

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