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महाशिवरात्री 21 फरवरी को, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजन
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महाशिवरात्री 21 फरवरी को, यह है शुभ मुहूर्त
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। देवों के देव महादेव की विशेष पूजा का दिन महाशिवरात्रि 21 फरवरी को है। ऐसे में हरियाणा, राजस्थान के कांवड़ियों का शहर से गुजरना आरंभ हो गया है। शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि की तैयारी भी शुरू हो गई। शहर से ज्यादातर कांवड़िया 14 और 15 फरवरी को प्रस्थान करेंगे। शहर में मोदीपुरम, बच्चा पार्क और शास्त्रीनगर में कांवड़ियाें की सेवा के लिए शिविर 17 फरवरी से शुरू हो जाएंगे।
जल्द प्रसन्न हो जाते हैं भोले भंडारी
भगवान शिव की पूजा विधि बहुत सरल मानी जाती है। जलाभिषेक, बेल पत्रों को चढ़ाने और रात्रि भर भोलेनाथ का जागरण करने मात्र से भक्त कृपा पात्र हो जाते हैं। सप्ताह में प्रत्येक सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रालॉजिक साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार हर महीने में मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। लेकिन साल में शिवरात्रि का मुख्य पर्व जिसे व्यापक रुप से देश भर में मनाया जाता है वह दो बार आता है। एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में। फाल्गुन के महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि को महाशिवरात्रि भी कहा जाता है।
महाशिवरात्रि का इतिहास
पौराणिक कथाओं के अनुसार धर्मग्रंथों के भगवती पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी। फलस्वरूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।
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चार पहर की विशेष पूजा
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की चार पहर की पूजा का विधान है। जिसमें से पहला पहर प्रदोष काल में आता है जो शाम 6 बजे से 9 बजे तक होता है। इसके बाद दूसरे पहर का आरंभ रात 9 बजे से 12 बजे तक होता है। वहीं तीसरे पहर की शुरुआत रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक होती है। महाशिवरात्रि का अंतिम पहर सुबह 3 बजे से 6 बजे तक का माना जाता है। इन चारों पहरों में भगवान शिव की पूजा करने से धर्म, काम, अर्थ और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि
21 फरवरी 2020 को चतुर्दशी तिथि आरंभ: सुबह 5 बजकर 20 मिनट से और चतुर्दशी तिथि समाप्त अगले दिन 22 फरवरी 7 बजकर 2 मिनट पर होगी।
भक्त जो गंगा जी से पैदल जल लेकर आएंगे....
प्रस्थान मुहूर्त:
शुक्रवार 14 फरवरी - सुबह 8:24 मिनट से 10:15 मिनट तक
शनिवार 15 फरवरी - सुबह 8:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक
24 साल से निरंतर चल रहा भंडारा
बच्चा पार्क पर अशोक ग्रोवर और उनके व्यापारी साथियाें ने कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर का शुभारंभ किया था। सुमित ग्रोवर ने बताया कि 17 फरवरी से 20 फरवरी तक कैंप का आयोजन किया जाएगा। शिविर में दवा, भोजन और सोने आदि की व्यवस्था की जाती है। सुमित ने बताया कि उनकी टीम में रमित, विनोद, प्रमोद, अनिल, सुभाष, देवेंद्र, महेंद्र, धीरज आदि का योगदान रहेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। देवों के देव महादेव की विशेष पूजा का दिन महाशिवरात्रि 21 फरवरी को है। ऐसे में हरियाणा, राजस्थान के कांवड़ियों का शहर से गुजरना आरंभ हो गया है। शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि की तैयारी भी शुरू हो गई। शहर से ज्यादातर कांवड़िया 14 और 15 फरवरी को प्रस्थान करेंगे। शहर में मोदीपुरम, बच्चा पार्क और शास्त्रीनगर में कांवड़ियाें की सेवा के लिए शिविर 17 फरवरी से शुरू हो जाएंगे।
जल्द प्रसन्न हो जाते हैं भोले भंडारी
भगवान शिव की पूजा विधि बहुत सरल मानी जाती है। जलाभिषेक, बेल पत्रों को चढ़ाने और रात्रि भर भोलेनाथ का जागरण करने मात्र से भक्त कृपा पात्र हो जाते हैं। सप्ताह में प्रत्येक सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रालॉजिक साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार हर महीने में मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। लेकिन साल में शिवरात्रि का मुख्य पर्व जिसे व्यापक रुप से देश भर में मनाया जाता है वह दो बार आता है। एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में। फाल्गुन के महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि को महाशिवरात्रि भी कहा जाता है।
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महाशिवरात्रि का इतिहास
पौराणिक कथाओं के अनुसार धर्मग्रंथों के भगवती पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी। फलस्वरूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।
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चार पहर की विशेष पूजा
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की चार पहर की पूजा का विधान है। जिसमें से पहला पहर प्रदोष काल में आता है जो शाम 6 बजे से 9 बजे तक होता है। इसके बाद दूसरे पहर का आरंभ रात 9 बजे से 12 बजे तक होता है। वहीं तीसरे पहर की शुरुआत रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक होती है। महाशिवरात्रि का अंतिम पहर सुबह 3 बजे से 6 बजे तक का माना जाता है। इन चारों पहरों में भगवान शिव की पूजा करने से धर्म, काम, अर्थ और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि
21 फरवरी 2020 को चतुर्दशी तिथि आरंभ: सुबह 5 बजकर 20 मिनट से और चतुर्दशी तिथि समाप्त अगले दिन 22 फरवरी 7 बजकर 2 मिनट पर होगी।
भक्त जो गंगा जी से पैदल जल लेकर आएंगे....
प्रस्थान मुहूर्त:
शुक्रवार 14 फरवरी - सुबह 8:24 मिनट से 10:15 मिनट तक
शनिवार 15 फरवरी - सुबह 8:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक
24 साल से निरंतर चल रहा भंडारा
बच्चा पार्क पर अशोक ग्रोवर और उनके व्यापारी साथियाें ने कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर का शुभारंभ किया था। सुमित ग्रोवर ने बताया कि 17 फरवरी से 20 फरवरी तक कैंप का आयोजन किया जाएगा। शिविर में दवा, भोजन और सोने आदि की व्यवस्था की जाती है। सुमित ने बताया कि उनकी टीम में रमित, विनोद, प्रमोद, अनिल, सुभाष, देवेंद्र, महेंद्र, धीरज आदि का योगदान रहेगा।