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मुफलिसी से लड़कर किया मुकाम हासिल : सलमान अली
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बचपन में ही सुरों को अपनी खुराक बनाया
सरूरपुर (मेरठ)। इंडियन आइडल सीजन 10 के विजेता रहे सूफी गायक सलमान अली ने मेरठ के हर्रा गांव में आयोजित हिन्दू मुस्लिम सौहार्द सम्मेलन में अपनी जादुई आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने सूफियाना अंदाज में उन्होंने भर दे झोली मेरी या मोहम्मद..., मेरे रसके कमर..., दमादम मस्त कलन्दर आदि गानों पर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अमर उजाला के साथ बातचीत में सलमान ने बताया कि छह-सात साल की उम्र में ही उन्होंने गाना शुरू कर दिया है। सुर तो बचपन से ही उनकी खुराक में शामिल थे।
नूंह मेवात जिले के पुन्हाना की गलियों में खेलकर बड़े हुए सलमान की आवाज के आज लाखों फैन हैं। इंडियन आइडल में वह हरियाणा की तरफ से अकेले प्रतिभागी थे। उन्होंने बताया कि परिवार कई पीढ़ियों से गायकी का काम करता चला आ रहा है। सलमान ‘मिरासी’ समाज से संबंध रखते हैं। उनका मुख्य पेशा शादी-पार्टियों में गाना बजाना है। सलमान ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अपनी आवाज की बदौलत अभी और कामयाबी जरूर हासिल करूंगा।
एआर रहमान के साथ गाना मेरा सपना है, उसे एक दिन जरूर पूरा करूंगा।
सलमान ने नौंवी कक्षा तक पलवल के डीपीएस स्कूल में रिजर्व कैटेगरी में पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि 2016 में एक हादसे में उनका पैर टूट गया। पैर में रॉड डाली गई। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर उनकी पढ़ाई आगे नहीं हो पाई, लेकिन वह सुरों की साधना करते रहे। फिलहाल सलमान इंडियन प्रो म्यूजिक लीग में नजर आ रहे हैं। शो में सलमान खान सुपर जज की भूमिका में हैं। सलमान ने बताया कि इस लीग में कई टीमों के प्रतिभागी एक-दूसरे को टक्कर देते नजर आएंगे। सलमान अली यूपी दबंग टीम का हिस्सा हैं।
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सरूरपुर (मेरठ)। इंडियन आइडल सीजन 10 के विजेता रहे सूफी गायक सलमान अली ने मेरठ के हर्रा गांव में आयोजित हिन्दू मुस्लिम सौहार्द सम्मेलन में अपनी जादुई आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने सूफियाना अंदाज में उन्होंने भर दे झोली मेरी या मोहम्मद..., मेरे रसके कमर..., दमादम मस्त कलन्दर आदि गानों पर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अमर उजाला के साथ बातचीत में सलमान ने बताया कि छह-सात साल की उम्र में ही उन्होंने गाना शुरू कर दिया है। सुर तो बचपन से ही उनकी खुराक में शामिल थे।
नूंह मेवात जिले के पुन्हाना की गलियों में खेलकर बड़े हुए सलमान की आवाज के आज लाखों फैन हैं। इंडियन आइडल में वह हरियाणा की तरफ से अकेले प्रतिभागी थे। उन्होंने बताया कि परिवार कई पीढ़ियों से गायकी का काम करता चला आ रहा है। सलमान ‘मिरासी’ समाज से संबंध रखते हैं। उनका मुख्य पेशा शादी-पार्टियों में गाना बजाना है। सलमान ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अपनी आवाज की बदौलत अभी और कामयाबी जरूर हासिल करूंगा।
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एआर रहमान के साथ गाना मेरा सपना है, उसे एक दिन जरूर पूरा करूंगा।
सलमान ने नौंवी कक्षा तक पलवल के डीपीएस स्कूल में रिजर्व कैटेगरी में पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि 2016 में एक हादसे में उनका पैर टूट गया। पैर में रॉड डाली गई। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर उनकी पढ़ाई आगे नहीं हो पाई, लेकिन वह सुरों की साधना करते रहे। फिलहाल सलमान इंडियन प्रो म्यूजिक लीग में नजर आ रहे हैं। शो में सलमान खान सुपर जज की भूमिका में हैं। सलमान ने बताया कि इस लीग में कई टीमों के प्रतिभागी एक-दूसरे को टक्कर देते नजर आएंगे। सलमान अली यूपी दबंग टीम का हिस्सा हैं।
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