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वायु प्रदूषण से खराब हो रहे फेफड़े

Mon, 11 Nov 2019 01:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 01:09 AM IST
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lungs destroy cause of air pollution
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय यूपीएसीकॉन 2019 का रविवार को समापन हो गया। कार्यक्रम के तीसरे दिन चिकित्सकों ने विभिन्न क्षेत्रों में व्याख्यान प्रस्तुत किए। चिकित्सकों ने फेफड़े के खराब होने के पीछे मुख्य कारण वायु प्रदूषण बताया और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की सलाह दी।
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कार्यक्रम के दौरान बनारस से आए डॉक्टर मनोज पांडे ने मुख कैंसर के बारे में जानकारियां दीं। राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ से आए डॉ. विकास सिंह ने दूरबीन द्वारा किए जाने वाले ऑपरेशन के बारे में बताया। ब्रेस्ट कैंसर का पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. वी भटनागर, डॉ. उमंग मित्तल और डॉ. शलाका जोशी ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। पेनक्रियाज की बीमारी पर पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें मुरादाबाद मेडिकल कॉलेज के छात्रों एवं लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ के डॉ. नितिन चौहान को पुरस्कृत किया गया है।
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देर से इलाज मिलने केकारण हो जाती हैं कई मौतें
केजीएमयू के प्रोफेसर संदीप तिवारी ने बताया कि हर साल देशभर में एक लाख से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो जाती है। इनमें 20 हजार से ज्यादा उत्तर प्रदेश के होते हैं। ट्रॉमा केकेसों में देर से इलाज मिलना भी मृत्यु का एक कारण है। ऐसे में एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम कम करने के साथ ही ट्रॉमा स्टाफ को भी ट्रेंड करने की आवश्यकता है।
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दूषित हवा से फैल रहा फेफड़ों का इंफेक्शन
केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि फेफड़ों की बीमारी काफी बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण वायु प्रदूषण है। फेफड़ों में इंफेक्शन हो रहे हैं। टीबी के मरीज बढ़ रहे हैं। इसमें गलत खानपान और धूम्रपान भी वजह है। समय से जांच कराकर बीमारी को कम किया जा सकता है। पेड़ लगाकर, फैक्ट्रियां आबादी से दूरी पर बनवाकर आदि तरीकों से हवा को शुद्ध करना होगा।

जागरूकता से कम किए जा सकते हैं मरीज
केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ. अभिनव अरुण सोनकर ने बताया कि तंबाकू के खाने से मुंह के कैंसर केमरीज बढ़ रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा। भ्रांतियों से दूर रहना होगा। मुंह में छाला या पस वाला दाना अगर तीन माह से ज्यादा समय तक ठीक होता है तो इसकी जांच जरूरी है। यह मुंह के कैंसर का लक्षण हो सकता है। तंबाकू से दूर रहना होगा।
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