{"_id":"68e662bdaab400acdc083597","slug":"love-is-above-knowledge-krishna-bharadwaj-meerut-news-c-14-1-mrt1002-996859-2025-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञान से भी ऊपर होता है प्रेम : कृष्ण भारद्वाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञान से भी ऊपर होता है प्रेम : कृष्ण भारद्वाज
Wed, 08 Oct 2025 06:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 08 Oct 2025 06:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा मनोहरनाथ ट्रस्ट और नमामी गंगा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में हुई श्री राधे पुराण कथा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सूरजकुंड बाबा मनोहरनाथ मंदिर में बाबा मनोहरनाथ ट्रस्ट और नमामी गंगा ट्रस्ट मोदीनगर के संयुक्त तत्वावधान में श्री राधे पुराण कथा हुई। कथा के पांचवे और अंतिम दिन की कथा में व्यास गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने प्रेम के प्रकार बताए।
कथा व्यास ने कहा कि एक सांसारिक प्रेम और दूसरा अलौकिक प्रेम जो प्रेम परमात्मा से होता है। मानव सांसारिक प्रेम से ही अवगत हो पता है। यह प्रेम संसार से होता है। सामान्यतः ऐसे में मनुष्य रिश्तों में बंधा रहता है। प्रेम की अंतिम गति आत्मा का परमात्मा से प्रेम होना है। उस स्थिति में प्राणी प्रत्येक जीव और वस्तुओं में परमात्मा के दर्शन करते हुए सबसे प्रेम करते हैं।
राधा उद्धव संवाद में कथा व्यास ने बताया कि महात्मा उद्धव पूर्ण ज्ञानी होते हुए भी जब राधा से मिले तो उन्हें ज्ञात हुआ कि वे भी अभी प्रेम के बिना अधूरे हैं। उन्होंने जब राधा और गोपियों की स्थिति देखी तो वे जाने की ज्ञान से ऊपर भी कुछ होता है। जिसे प्रेम कहा जाता है। हम बुद्धि का प्रयोग कर जितना जानते है उसी प्रकार से हम विषयों को समझते हैं। हम प्रेम के जिस स्वरूप के दर्शन करते हैं। वह मात्र सांसारिक प्रेम ही है। प्रेम के अनुभव से हम उससे आगे की यात्रा कर सकते हैं। ईश्वर से प्रेम करते हैं तो वह अंतिम स्थिति है। कथा श्रवण करने वालों भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तौगी, महामंडलेश्वर निलिमानंद, विवेक वाजपेयी, मनोज गुपता, मुक्ता चौधरी, शगुन शर्मा, विकास मित्तल, संदीप गोयल, अमित शर्मा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सूरजकुंड बाबा मनोहरनाथ मंदिर में बाबा मनोहरनाथ ट्रस्ट और नमामी गंगा ट्रस्ट मोदीनगर के संयुक्त तत्वावधान में श्री राधे पुराण कथा हुई। कथा के पांचवे और अंतिम दिन की कथा में व्यास गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने प्रेम के प्रकार बताए।
कथा व्यास ने कहा कि एक सांसारिक प्रेम और दूसरा अलौकिक प्रेम जो प्रेम परमात्मा से होता है। मानव सांसारिक प्रेम से ही अवगत हो पता है। यह प्रेम संसार से होता है। सामान्यतः ऐसे में मनुष्य रिश्तों में बंधा रहता है। प्रेम की अंतिम गति आत्मा का परमात्मा से प्रेम होना है। उस स्थिति में प्राणी प्रत्येक जीव और वस्तुओं में परमात्मा के दर्शन करते हुए सबसे प्रेम करते हैं।
विज्ञापन
राधा उद्धव संवाद में कथा व्यास ने बताया कि महात्मा उद्धव पूर्ण ज्ञानी होते हुए भी जब राधा से मिले तो उन्हें ज्ञात हुआ कि वे भी अभी प्रेम के बिना अधूरे हैं। उन्होंने जब राधा और गोपियों की स्थिति देखी तो वे जाने की ज्ञान से ऊपर भी कुछ होता है। जिसे प्रेम कहा जाता है। हम बुद्धि का प्रयोग कर जितना जानते है उसी प्रकार से हम विषयों को समझते हैं। हम प्रेम के जिस स्वरूप के दर्शन करते हैं। वह मात्र सांसारिक प्रेम ही है। प्रेम के अनुभव से हम उससे आगे की यात्रा कर सकते हैं। ईश्वर से प्रेम करते हैं तो वह अंतिम स्थिति है। कथा श्रवण करने वालों भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तौगी, महामंडलेश्वर निलिमानंद, विवेक वाजपेयी, मनोज गुपता, मुक्ता चौधरी, शगुन शर्मा, विकास मित्तल, संदीप गोयल, अमित शर्मा रहे।
विज्ञापन