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यूपी: मेरठ में चला कोविड का देश का सबसे लंबा इलाज, सौ दिन बाद संक्रमण को हराकर घर लौटी 45 वर्षीय महिला
Sun, 01 Aug 2021 11:14 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 01 Aug 2021 11:14 AM IST
सार
अर्चना देवी को अप्रैल महीने में मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था । अर्चना कोरोना के गंभीर लक्ष्णों से पीड़ित थी और उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।
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45 वर्षीय महिला अर्चना देवी
- फोटो : Amar Ujala Meerut
विस्तार
कहते हैं कि व्यक्ति का साहस और धैर्य उसे हर जंग से पार पाने की ताकत देता है। ऐसी ही कहानी है मेरठ की 45 वर्षीय अर्चना देवी की, जिन्होंने 100 दिन बाद कोरोना को मात देकर शुक्रवार को बिल्कुल ठीक हो गईं। इसे भारत के सबसे लंबे समय तक चले उपचारों में से एक कहा जा सकता है।
अर्चना देवी को अप्रैल महीने में मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था । अर्चना कोरोना के गंभीर लक्ष्णों से पीड़ित थी और उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।
उस समय देश में प्रतिदिन 3 लाख से अधिक मामले सामने आ रहा थे। ऐसे में 21 अप्रैल को उनकी तबीयत और बिगड़ गई और परिवार ने सोचा कि अब उन्हें बचाना मुश्किल है लेकिन भगवान और डॉक्टरों की मेहनत ने अर्चना को हारने नहीं दिया ।
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अर्चना देवी को अप्रैल महीने में मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था । अर्चना कोरोना के गंभीर लक्ष्णों से पीड़ित थी और उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।
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उस समय देश में प्रतिदिन 3 लाख से अधिक मामले सामने आ रहा थे। ऐसे में 21 अप्रैल को उनकी तबीयत और बिगड़ गई और परिवार ने सोचा कि अब उन्हें बचाना मुश्किल है लेकिन भगवान और डॉक्टरों की मेहनत ने अर्चना को हारने नहीं दिया ।
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तीन ऑक्सीजन प्लांट सात अगस्त तक शुरू करने के निर्देश
मेरठ जिलाधिकारी के बालाजी ने निर्देश दिए कि पीएम केयर फंड से बनने वाले तीनों ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट सात अगस्त तक शुरू किए जाएं। उन्होंने एलएलआरएम मेडिकल कालेज में निर्माणाधीन ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट का निरीक्षण किया।
पीएम केयर फंड से तीन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए जाएंगे। कैंट अस्पताल बेगमपुल का प्लांट 250 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) क्षमता का है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल का प्लांट 1000 एलपीएम क्षमता का और एलएलआरएम मेडिकल कालेज में बनने वाला प्लांट 1000 एलपीएम क्षमता का है। इन प्लांट के लिए मशीन डीआरडीओ उपलब्ध कराएगा। एनएचएआई द्वारा सिविल और विद्युतीकरण का कार्य कराया जा रहा है जबकि अन्य कार्य एसडीआरएफ द्वारा किए जा रहे हैं।
डीएम ने बताया कि पीएम केयर फंड सहित मेडिकल कालेज में दो प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसमें से एक 1000 एलपीएम और दूसरा 960 एलपीएम क्षमता का प्लांट निर्माणाधीन है।
इनके अलावा जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दौराला, मवाना, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ और किठौर अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट क्रियाशील हो गए हैं। अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, पीएल शर्मा जिला अस्पताल और कैंट अस्पताल बेगमपुल में भी प्लांट लगाए जा रहे हैं। इस दौरान एलएलआरएम मेेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार सहित अन्य मौजूूद रहे।
मेरठ जिलाधिकारी के बालाजी ने निर्देश दिए कि पीएम केयर फंड से बनने वाले तीनों ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट सात अगस्त तक शुरू किए जाएं। उन्होंने एलएलआरएम मेडिकल कालेज में निर्माणाधीन ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट का निरीक्षण किया।
पीएम केयर फंड से तीन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए जाएंगे। कैंट अस्पताल बेगमपुल का प्लांट 250 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) क्षमता का है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल का प्लांट 1000 एलपीएम क्षमता का और एलएलआरएम मेडिकल कालेज में बनने वाला प्लांट 1000 एलपीएम क्षमता का है। इन प्लांट के लिए मशीन डीआरडीओ उपलब्ध कराएगा। एनएचएआई द्वारा सिविल और विद्युतीकरण का कार्य कराया जा रहा है जबकि अन्य कार्य एसडीआरएफ द्वारा किए जा रहे हैं।
डीएम ने बताया कि पीएम केयर फंड सहित मेडिकल कालेज में दो प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसमें से एक 1000 एलपीएम और दूसरा 960 एलपीएम क्षमता का प्लांट निर्माणाधीन है।
इनके अलावा जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दौराला, मवाना, हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ और किठौर अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशनन प्लांट क्रियाशील हो गए हैं। अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, पीएल शर्मा जिला अस्पताल और कैंट अस्पताल बेगमपुल में भी प्लांट लगाए जा रहे हैं। इस दौरान एलएलआरएम मेेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार सहित अन्य मौजूूद रहे।