लोकसभा चुनाव 2019: गठबंधन के बाद किस सीट पर कौन लड़ेगा, लगभग तय, कैराना पर फंसा पेंच
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए लगभग फाइनल हो चुके बसपा और सपा के गठबंधन में पश्चिमी उप्र की किस सीट पर कौन सी पार्टी लड़ेगी, यह लगभग फाइनल हो चुका है। अधिकतर प्रत्याशियों के नाम पर भी विचार चल रहा है। शनिवार को इस गठबंधन पर अंतिम मुहर लग चुकी है, बस कुछ सीटों पर अभी मंथन हो रहा है।
रालोद को भी इस गठबंधन में अहम स्थान दिया जाना अभी प्रस्तावित है। लोकसभा चुनाव के संग्राम की रणभूमि तैयार हो चुकी है। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच 38-38 सीटों का बंटवारा हो चुका है। दो सीटों पर चुनाव न लड़ने की बात है और तीन सीटें देकर रालोद को भी इसमें शामिल करने की बात कही जा रही है। कहा यह जा रहा है कि रालोद इससे संतुष्ट नहीं है।
कुछ इस तरह बना है समीकरण
पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि पश्चिमी यूपी की भी अधिकतर सीटें तय हो गई हैं। मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट का टिकट बसपा के खाते में जा रहा है। बिजनौर और नगीना में से एक सपा और एक बसपा के हिस्से में जाएगी। चर्चा यह भी है कि बसपा दोनों सीटों पर दावा कर रही है।
बुलंदशहर सीट बसपा के खाते में जाने की बात सामने आ रही है। गौमबुद्धनगर पर भी बसपा किसी गुर्जर उम्मीदवार को लड़ाने के प्रयास में है। सहारनपुर भी इसी तरह से बसपा के खाते में है। बागपत रालोद के खाते में सुरक्षित की गई है। कैराना सीट पर पेंच फंसा है। यहां रालोद अपना दावा कर रही है तो सपा इसे अपनी सीट मान रही है।
अमरोहा सपा के खाते में जा रही है। मथुरा पर रालोद को लड़ाने की बात कही जा रही है। संभल, रामपुर, मुरादाबाद भी समाजवादी पार्टी को दिए जाने की चर्चा है। हाथरस और आगरा सीट को लेकर मंथन चल रहा है। इसमें से एक सपा को दी जाएगी तो दूसरी बसपा के खाते में जाएगी। हाथरस से पूर्व में लड़ चुके सपाई दिग्गज पर यह बात आकर टिकी है कि वह कहां से इस बार लड़ने के मूड में हैं।
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