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Meerut News: जहरीली हवा से संकट में प्राण, एक और कोविड की आहट
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मेरठ। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का असर दिखने लगा है। जहरीली हवा से लोगों के प्राण संकट में है, ऐसे में एक ओर कोरोना की आहट दिख रही है।
दिल्ली की स्थिति गंभीर है और मेरठ भी उसी रास्ते पर आकर खड़ा हो गया है। यदि समय से नहीं चेते, तो एक और कोविड की यह दस्तक होगी। देश में फिर लॉकडाउन जैसे हालात होंगे। यह बात मंगलवार को आरजी पीजी कॉलेज में आयोजित किए गए सेमिनार में पर्यावरणविद पदमभूषण पदमश्री डॉ. अनिल जोशी ने कही।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय पर्यावरण संकट एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाएं : चुनौतियां, रणनीतियां और समाधान रहा कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अनिल जोशी, विशिष्ट अतिथि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. एसके त्यागी, जागरूक नागरिक संगठन के सचिव गिरीश शुक्ला और प्राचार्य प्रो. निवेदिता कुमारी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया।
इस शताब्दी का सबसे गर्म साल रहा वर्ष 2023
तकनीकी सत्र में प्रो. डिंपल विज प्राचार्य एकेपी कॉलेज खुर्जा ने जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था प्रभाव रणनीतियां एवं समाधान विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि 2024 की क्लाइमेंट रिस्क लैंडस्केप रिपोर्ट के अनुसार 2023 इस शताब्दी का सबसे गर्म साल रहा है। इसी क्रम में विषय विशेषज्ञ प्रो. मोनिका कौल वनस्पति विज्ञान विभाग हंसराज कॉलेज दिल्ली ने शहरी क्षेत्र में किस प्रकार अर्बन फॉरेस्ट विकसित किया जा सकता है और कार्बन किस तरह एयर क्वालिटी को बेहतर करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है।
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दूसरे तकनीकी सत्र में मोदीनगर से डॉ. राजपाल त्यागी ने वायू प्रदूषण को लेकर पैदा होने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। सेमिनार में 400 से अधिक प्रतिभागी, 60 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी ने पेपर प्रस्तुत किए। इस दौरान प्रो. सुनीता, प्रो. कलपना, डॉ. गरिमा, डॉ. छाया तेवतिया, निर्लेप कौर, डॉ. ममता, डॉ. बबिता, संयोगिता, अनामिका, डॉ. शैलजा, डॉ. सुनीता सिंह, गरिमा कुमारी आदि मौजूद रहे।
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दिल्ली की स्थिति गंभीर है और मेरठ भी उसी रास्ते पर आकर खड़ा हो गया है। यदि समय से नहीं चेते, तो एक और कोविड की यह दस्तक होगी। देश में फिर लॉकडाउन जैसे हालात होंगे। यह बात मंगलवार को आरजी पीजी कॉलेज में आयोजित किए गए सेमिनार में पर्यावरणविद पदमभूषण पदमश्री डॉ. अनिल जोशी ने कही।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय पर्यावरण संकट एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाएं : चुनौतियां, रणनीतियां और समाधान रहा कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अनिल जोशी, विशिष्ट अतिथि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. एसके त्यागी, जागरूक नागरिक संगठन के सचिव गिरीश शुक्ला और प्राचार्य प्रो. निवेदिता कुमारी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया।
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इस शताब्दी का सबसे गर्म साल रहा वर्ष 2023
तकनीकी सत्र में प्रो. डिंपल विज प्राचार्य एकेपी कॉलेज खुर्जा ने जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था प्रभाव रणनीतियां एवं समाधान विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि 2024 की क्लाइमेंट रिस्क लैंडस्केप रिपोर्ट के अनुसार 2023 इस शताब्दी का सबसे गर्म साल रहा है। इसी क्रम में विषय विशेषज्ञ प्रो. मोनिका कौल वनस्पति विज्ञान विभाग हंसराज कॉलेज दिल्ली ने शहरी क्षेत्र में किस प्रकार अर्बन फॉरेस्ट विकसित किया जा सकता है और कार्बन किस तरह एयर क्वालिटी को बेहतर करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है।
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दूसरे तकनीकी सत्र में मोदीनगर से डॉ. राजपाल त्यागी ने वायू प्रदूषण को लेकर पैदा होने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। सेमिनार में 400 से अधिक प्रतिभागी, 60 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी ने पेपर प्रस्तुत किए। इस दौरान प्रो. सुनीता, प्रो. कलपना, डॉ. गरिमा, डॉ. छाया तेवतिया, निर्लेप कौर, डॉ. ममता, डॉ. बबिता, संयोगिता, अनामिका, डॉ. शैलजा, डॉ. सुनीता सिंह, गरिमा कुमारी आदि मौजूद रहे।